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महाभारत 2019: आम चुनाव में 29% महिला वोट कांग्रेस को मिलते थे, 2014 में बदला यह ट्रेंड

आंकड़ें बताते हैं कि महिलाओं का रुझान परम्परागत रूप से कांग्रेस की ओर रहा है।

Danik Bhaskar | Jun 05, 2018, 07:28 AM IST

नई दिल्ली. भारत में 2014 के आम चुनाव में महिलाओं का मतदान 65.63 फीसदी रहा, जबकि 67.09 फीसदी पुरुषों ने मतदान किया। 29 में से 16 राज्यों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने अधिक मतदान किया। 2014 में कुल 39.70 करोड़ महिला मतदाताओं में से 26.06 करोड़ ने मतदान किया था। यानी 13 करोड़ से अधिक महिलाओं ने मतदान में भाग नहीं लिया। 2019 में यह संख्या और बढ़ेगी। अगर मतदान न करने वाली महिलाओं में से 10 करोड़ महिलाएं भी मतदान करती हैं, तो नई तस्वीर उभर सकती है। इस प्रकार महिलाएं प्रमुख मतदाता वर्ग के रूप में उभर रही हैं। 2019 के आम चुनाव के परिणामों में वे महत्वपूर्ण फेरबदल कर सकती हैं।

पिछले चुनाव में भाजपा को युवा महिलाओं के 12 % अधिक वोट मिले

- महिला मतदाताओं की संख्या में लगातार इजाफा हुआ और 2014 में सर्वाधिक महिलाओं ने मतदान किया। आंकड़ें बताते हैं कि महिलाओं का रुझान परम्परागत रूप से कांग्रेस की ओर रहा है। कांग्रेस को औसतन 29 फीसदी महिलाएं वोट देती रही हैं लेकिन, 2014 में इसमें बड़ा बदलाव दिखा और सिर्फ 19 फीसदी महिलाओं ने उसे वोट दिए। 2019 में महिला मतदान और बढ़ेगा तथा दोनों प्रमुख दलों में महिला मतदान का फर्क निर्णायक सिद्ध होगा।

महिला नेतृत्व वाले दलों की तरफ महिलाओं का रुझान ज्यादा

- भाजपा को उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और कर्नाटक में महिलाओं का ज्यादा समर्थन नहीं रहा है। महाराष्ट्र में 2014 के चुनाव में भाजपा की सहयोगी रही शिवसेना को महिलाओं का ज्यादा समर्थन मिला।

- मध्यप्रदेश, गुजरात, पंजाब, राजस्थान और तमिलनाडु में महिलाएं भाजपा को तरजीह देती हैं। महिलाओं का समर्थन उन दलों को ज्यादा मिलता है, जिनका नेतृत्व महिलाएं करती हैं। शायद इसीलिए सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस को महिलाओं के अधिक वोट मिलते थे।

2014: बढ़ीं महिला मतदाता

राज्य पुरुष महिला
बिहार 55.08 57.66
ओडिशा 72.61 74.99
पंजाब 70.33 70.93
उत्तराखंड 60.48 62.84
तमिलनाडु 73.44 73.96

साल 2014 में बिहार, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड और तमिलनाडु में पहली बार महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में अधिक संख्या में मतदान किया। 2009 के बाद विधानसभा चुनावों में भी यही ट्रेंड देखा गया है।

*स्रोत - चुनाव आयोग, सीएसडीएस सर्वे और इलेक्शन स्टडी