- Hindi News
- National
- Mohali News Women Should Become Each Other39s Sympathy For Change In Society
समाज में बदलाव के लिए महिलाएं बनें एक-दूसरे की हमदर्द
महिला व पुरुष एक ही गाड़ी के दो पहियों की तरह हैं। जिसकी मदद से यह समाज चलता है। दोनों के बगैर समाज का अस्तित्व नहीं है। समाज में सभी गलत हालातों के लिए के केवल पुरुषों को ही जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। समाज में बदलाव तभी संभव होगा जब एक महिला दूसरी महिला की हमदर्द बनेगी।
उक्त विचार हरी सिंह मैमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट की चेयरपर्सन जगजीत कौर काहलों ने दोआबा ऑफ कालेज में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेकर व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान दूरदर्शन डीडी पंजाबी में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी गायिका एवं मंच संचालिका आर दीप रमन, जय सिंह छिब्बर ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान जय सिंह छिब्बर ने महिलाओं की धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक, कानूनी व आर्थिक क्षेत्र में स्वतंत्रता के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यह सत्य है कि धार्मिक क्षेत्र में आज भी महिलाओं के पास पुरुषों के बराबर समान अधिकार नहीं हैं परंतु कानूनी तौर पर महिलाओं के हक में पुरुषों के मुकाबले अधिक कानून बन चुके हैं। लोक गायिका आर दीप रमन ने कहा कि आज भी हमारे देश में महिलाएं स्वतंत्र नहीं है जबकि विदेशों में यह स्थिति कहीं अधिक मजबूत है।