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डाउनलोड करेंजयपुर. शहर में लाल कोठी स्थित सजा-धजा महिला आयोग ऑफिस गुरुवार को शहनाई की गूंज के बीच प्रेमी कपल के विवाह का साक्षी बना। अल्प समय में की गई इस शादी के लिए सुबह से ही आयोग अध्यक्ष से लेकर सदस्य, अधिकारी व कर्मचारी जोर-शोर से तैयारियों में जुटा रहा। युवती के अभिभावक बने आयोग ने विवाह की हर रस्म को पूरे रीति रिवाज से संपन्न कराया। वैदिक रीति रिवाज से राजापार्क पंडित श्री चक्रवर्ती सामवेदी ने प्रेमी कपल ज्योति-मनीष का विवाह मंत्रोच्चार के साथ कराया। आयोग गठन के बाद महिला आयोग में पहली बार किसी युवती की इच्छानुसार उसकी शादी आयोग ने कराई है।
कपल को इन्होंने दिया आशीर्वाद
कपल को भाजपा शहर के तमाम स्थानीय अधिकारियों ने अपना समर्थन देते हुए आशीर्वाद दिया। इस दौरान उपाध्यक्ष ब्रह्म कुमार सैनी ने कहा कि बदलते समय के साथ जाति और धर्म अब युवाओं के लिए बाधा नहीं बन सकते। यह शादी इस बात को साबित करती है कि प्यार की कोई सीमा नहीं होती है और इसका कोई बंधन भी नहीं होता।
दूल्हे के पिता लाए शादी का जोड़ा
बिना दहेज के हुई इस शादी में दूल्हे के पिता शादी का जोड़ा लेकर आए। इसी जोड़े में दुल्हन की हंसी-खुशी से विदाई हुई। शादी को आयोग ने निगम और कोर्ट से रजिस्टर्ड कराया।
घरवालों पर विश्वास नहीं, इसलिए यहां कराई शादी
हमारी इच्छा थी कि युवती के घर से ही शादी हो, लेकिन ज्योति को अपने परिजनों पर विश्वास नहीं था। वह अपने घर जाना नहीं चाहती थी। तब हमने तय किया कि उनकी शादी आयोग ऑफिस में कराई जाए। अल्प समय में शादी की सभी तैयारियां की गईं। आयोग ने युवती ज्योति का अभिभावक बन संपूर्ण हिंदू रीति रिवाज से विवाह संपन्न कराया। -सुमन शर्मा, अध्यक्ष, महिला आयोग
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