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दुनिया के सबसे वजनी टीनएजर ने 7 महीने में 60 किलो वजन घटाया, 40 किलो सिर्फ डाइट कंट्रोल से कम हुआ

जब डाइट और एक्सरसाइज के बाद भी वजन नहीं घट पाता तो बैरियाट्रिक सर्जरी की जाती है।

Dainik Bhaskar

Jul 03, 2018, 10:17 PM IST

- दिल्ली में हुई बच्चे की सर्जरी, इसके बाद 20 किलो वजन घटा
- सर्जरी से पहले मिहिर को 3000 कैलोरी से घटाकर 800 कैलोरी की डाइट पर रखा गया

हेल्थ डेस्क . 40, 50 या 60 बीएमआई वाले इंसान को सुपर ओबेसिटी यानी बहुत अधिक वजनी इंसान की कैटेगरी में रखा जाता है। 90 बीएमआई वाले बच्चे को क्या कहेंगे? दिल्ली के मिहिर जैन 14 साल के हैं। हाइट 5 फुट 4 इंच है। पहले उनका वजन 237 किलो था। डॉक्टर्स ने उन्हें दुनिया का सबसे वजनी टीनएजर बताया था। मिहिर चर्चा में हैं क्योंकि इन्होंने 7 माह में 60 किलो वजन कम किया है। बैरियाट्रिक सर्जरी से पहले 40 किलो और सर्जरी के बाद 20 किलो वजन घटा है। नवंबर 2003 में जन्मे मिहिर ने 3 साल के अंदर अपना वजन घटाकर 100 किलो तक लाने का लक्ष्य रखा है। मिहिर की सर्जरी करने वाले डॉक्टर प्रदीप चौबे ने वजन घटाने की पूरी कहानी बताई ...

5 प्वाइंट्स : 60 किलो वजन कैसे कम किया?
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. जन्म के समय मिहिर का वजन 2.5 किलो था। 5 साल की उम्र में करीब 70 किलो हो गया। धीरे-धीरे चलने-फिरने की दिक्कत आने पर स्कूल जाना बंद हो गया। घर पर ही पढ़ाई शुरू कर दी।
2. मिहिर को पास्ता और पिज्जा बेहद पसंद है। स्कूल छूटने के बाद भी लगातार जंक फूड खाने से वजन तेजी से बढ़ रहा था। जब सीधे खड़े होने में भी दिक्कत आनी शुरू हुई तो पेरेंट्स डॉक्टर्स से मिले लेकिन उम्र कम होने के कारण उन्होंने सर्जरी से मना कर दिया।
3. वजन 237 किलो हो जाने पर पेरेंट्स बैरियाट्रिक सर्जन डॉ. प्रदीप चौबे से मिले। डॉ. चौबे के मुताबिक ये शत-प्रतिशत नहीं कहा जा सकता था कि सफलता मिलेगी। ऐसे में गैस्ट्रिक बैरियाट्रिक सर्जरी करने का फैसला लिया।
4. ट्रीटमेंट के दौरान सबसे पहले मिहिर को 3 माह तक लो-कैलोरी डाइट दी गई। इस दौरान 34 किलो वजन घटा। डॉक्टर्स ने फ्लेक्सिबल लेरेंजोस्कोप का इस्तेमाल किया। मसल्स के नीचे करीब 10 इंच चर्बी की परत होने से सर्जरी में काफी दिक्कतें आईं।
5. सर्जरी की मदद से पाचन तंत्र में इस तरह का बदलाव किया गया जिससे भूख कम लगे और खाना कम खाने का मन हो। आॅपरेशन सफल रहा और एक हफ्ते के अंदर ​मिहिर को डिस्चार्ज कर दिया गया। अब फॉलोअप ट्रीटमेंट चल रहा है।

मोटापा आनुवांशिक समस्या : मिहिर की मां पूजा जैन के अनुसार मोटापा आनुवांशिक होने के कारण परिवार के ज्यादातर सदस्यों का वजन ज्यादा है। वजन बढ़ने के कारण जब मिहिर का स्कूल जाना बंद हुआ तो डॉक्टर्स से सलाह ही गई। इस दौरान वह अक्सर लेटा रहता था और पिज्जा-पास्ता ज्यादा खाता था। इस कारण दिक्कत बढ़ती गई।

मिहिर को दी गई लो कैलोरी डाइट : डॉ. चौबे के अनुसार एक सामान्य व्यक्ति रोजाना 2500 से 3000 कैलोरी लेता है। अधिक वजन होने के कारण सर्जरी संभव नहीं थी। इसलिए पहले वजन को थोड़ा कम करना पड़ा था। मिहिर को मात्र 800 कैलोरी की डाइट पर रखा गया। नतीजा ये रहा कि सिर्फ डाइट कंट्रोल करके ही 40 किलो वजन कम किया गया।

क्या है बैरियाट्रिक सर्जरी : यह सर्जरी वजन कम करने के लिए होती है। यह तीन प्रकार की होती है। पहली लैप बैंड। इसके बाद खाने की क्षमता काफी कम हो जाती है। दूसरी स्लीव गैस्ट्रिकटॉमी। इसमें हर हफ्ते डेढ़ से दो किलो वजन कम होना शुरू हो जाता है। तीसरी है गैस्ट्रिक बैरियाट्रिक सर्जरी। इसमें आंतों को नए सिरे से व्यवस्थित (रीअरेंज्ड) किया जाता है। भूख बढ़ाने वाला हार्मोन ग्रेहलीन बनना काफी कम हो जाता है। इस कारण भूख काफी कम लगती है। खास बात है पोस्ट ट्रीटमेंट। इसे भी स्ट्रिक्टली फॉलो करना जरूरी है ताकि शरीर में पोषक तत्वों की कमी न हो। जब डाइट और एक्सरसाइज के बाद भी वजन नहीं घट पाता तो यह सर्जरी की जाती है। इसके अलावा कुछ फैक्टर और भी शामिल किए जाते हैं।

जन्म के समय मिहिर का वजन 2.5 किलो था और 5 साल की उम्र में करीब 70 किलो था। जन्म के समय मिहिर का वजन 2.5 किलो था और 5 साल की उम्र में करीब 70 किलो था।
अपने पेरेंट्स के साथ मिहिर। मिहिर की मां पूजा जैन के अनुसार मोटापा आनुवांशिक होने के कारण परिवार के ज्यादातर सदस्यों का वजन ज्यादा है। अपने पेरेंट्स के साथ मिहिर। मिहिर की मां पूजा जैन के अनुसार मोटापा आनुवांशिक होने के कारण परिवार के ज्यादातर सदस्यों का वजन ज्यादा है।
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जन्म के समय मिहिर का वजन 2.5 किलो था और 5 साल की उम्र में करीब 70 किलो था।जन्म के समय मिहिर का वजन 2.5 किलो था और 5 साल की उम्र में करीब 70 किलो था।
अपने पेरेंट्स के साथ मिहिर। मिहिर की मां पूजा जैन के अनुसार मोटापा आनुवांशिक होने के कारण परिवार के ज्यादातर सदस्यों का वजन ज्यादा है।अपने पेरेंट्स के साथ मिहिर। मिहिर की मां पूजा जैन के अनुसार मोटापा आनुवांशिक होने के कारण परिवार के ज्यादातर सदस्यों का वजन ज्यादा है।
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