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डाउनलोड करेंपटना. विश्वस्तरीय और देश का सबसे अत्याधुनिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी 2020 तक चालू हो जाएगी। साइंस सिटी का डिजाइन के लिए कंसलटेंट का चयन हो चुका है। जून के प्रथम सप्ताह तक टेंडर हो जाएगा और जुलाई से निर्माण शुरू होगा। 400 करोड़ की लागत से डॉ. एपीजे अबुल कलाम साइंस सिटी बनेगा। पटना के राजेंद्र नगर में 20.48 एकड़ जमीन पर साइंस सिटी का निर्माण होना है। साइंस सिटी में प्रदर्श डिजाइन पर विशेषज्ञ कमेटी की तीन दिवसीय बैठक गुरुवार से शुरू हुई।
बैठक में विभिनन डिजाइन पर चर्चा हुई। विज्ञान व प्रावैधिकी विभाग की प्रधान सचिव अंशुली आर्या ने कहा कि साइंस सिटी सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। यहां लाइव डेमोस्ट्रेशन होगा। बच्चे विज्ञान की विभिन्न विधाओं को सीख सकेंगे। बच्चों को विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने में साइंस सिटी कारगर साबित होगा। बच्चों के लिए साइंस सिटी में इंट्री फीस भी काफी कम होगी।
निदेशक अतुल सिन्हा ने बताया कि साइंस सिटी में अत्याधनिक डिजीटल टेक्नोलॉजी का उपयोग होगा। यहां 200 स्कूली बच्चों के लिए आवासीय सुविधा भी उलपब्ध करायी जाएगी। साइंस सिटी पांच थीम बेसिक साइंस, एक्टिविटिज बेस, लर्निंग व स्पेस मेकर्स आदि हैं। बच्चे डाटा यूज करना सीखेंगे। अधिक प्रोटीन से क्या फायदे हैं और क्या नुकसान है, यह भी बताया जाएगा। शरीर में ज्यादा फैट होने से क्या समस्या होती है, यह भी वैज्ञानिक तरीके से दिखाया जाएगा।
आर्यभट्ट की खोज से जुड़े सेक्शन भी होंगे। विभिन्न वैज्ञानिकों के खोज की भी जानकारी मिलेगी। साइंस सिटी में बच्चों से लेकर उम्रदराज लोगों के लिए विज्ञान के चमत्कार की कहानियां देखने को मिलेगी। सभी उम्र के लोगों के लिए पृथ्वी की गतिमान प्रक्रियाओं एवं सहयोगी विज्ञान को दर्शाने के लिए शैक्षिक उपकरण शामिल किए जाएंगे। पृथ्वी के स्थल, समुद्र और वायुमंडल की अद्धितीय और जानकारी देने वाली तस्वीरें ग्रह पर सदृश्य दर्शाया जाएगा। जटिल वायुमंडलीय प्रक्रियाओ को बेहतर तरीके से समझने में साइंस सिटी मददगार होगा।
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