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झालावाड़ में सर्वे के दौरान मिला दुनिया का सबसे घातक बिच्छू

3 वर्ष पहले
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झालावाड़. हेमवंतीनंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर और उद्यानिकी-वानिकी कॉलेज के सरिसृप सर्वेक्षण के दौरान दुनिया का सबसे घातक बिच्छू भारतीय लाल बिच्छू को झालावाड़ के झिर नर्सरी के जंगलों में देखा गया। इस प्रजाति को वाइल्ड लाइफ रिसर्चर विजय कुमार यादव ने अपने कैमरे में कैद किया। 

यह बिच्छू भारत, पाकिस्तान और नेपाल में काफी आम है। कुछ समय पहले इसको श्रीलंका से भी दर्ज किया गया है। इसका शरीर नारंगी लाल रंग का है। शरीर की लंबाई 5.9 सेंटीमीटर है। यह प्रजाति अमूमन शुष्क और आद्र जलवायु की वनस्पति और ग्रामीण क्षेत्रों में मिलती है। यह पथरीला जंगल, लाल-काली मिट्‌टी, घास और पथरीली पहाड़ियां, पेड़ों की छाल में रहता है। सर्वे और इसके बाद इस पर की गई रिसर्च में सामने आया कि मनुष्यों के साथ इसकी मुठभेड़ मुख्य रूप से रात को या सुबह होती है, जब यह बिस्तरों या जूतों में छुप जाता है। इसलिए अपने आसपास की जगह को अच्छी तरह साफ रखें और सुबह पहनने से पहले जूते झटक लेें। बिच्छूओं से होने वाली घटनाओं में 8.40 प्रतिशत मौत इसी बिच्छु के डंक के कारण होती है। 
इलाज: बिच्छुओं का एंटी वेनम उपचार कम असरदार होता है, लेकिन प्रेजोसीन नामक दवा मृत्युदर को 4 प्रतिशत तक कम कर देती है। इसलिए बिच्छू के काटने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें और तुरंत इलाज करवाएं। 
 

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