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सर्वाइकल पेन को दूर करने के लिए मददगार हैं मकरासन और भुजंगासन

सर्वाइकल पेन गर्दन में हड्डियों और कार्टिलेज में टूट-फूट होने के कारण होता है।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jul 01, 2018, 01:04 PM IST

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    सर्वाइकल पेन गर्दन में हड्डियों और कार्टिलेज में टूट-फूट होने से होता है। उम्र बढ़ने के अलावा कई और कारण जैसे गर्दन में चोट लगना लिगामेंट्स कड़क होना, शारीरिक सक्रियता की कमी, गर्दन को असुविधाजनक स्थिति में लंबे समय तक रखना आदि भी इसके लिए जिम्मेदार हैं।

    हेल्थ डेस्क. सर्वाइकल पेन गर्दन में हड्डियों और कार्टिलेज में टूट-फूट होने से होता है। उम्र बढ़ने के अलावा कई और कारण जैसे गर्दन में चोट लगना लिगामेंट्स कड़क होना, शारीरिक सक्रियता की कमी, गर्दन को असुविधाजनक स्थिति में लंबे समय तक रखना आदि भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। कुछ लोगों को सर्वाइकल के कारण गर्दन में इतना तेज़ दर्द होता है कि उन्हें रोजमर्रा के कार्य करने में परेशानी आती है। अगर आपको भी इस तरह की समस्या है तो योग की मदद से आप इससे निजात पा सकते हैं। मकरासन और भुजंगासन इसमें फायदेमंद साबित होगा।


    लक्षण

    • गर्दन में दर्द होना।
    • गर्दन कड़ी हो जाना और उसे हिलाने-डुलाने में परेशानी आना।
    • हाथों, पैरों और पंजों में झुनझुनी, सुन्नपन या कमजोरी महसूस होना।
    • सिर के पिछले भाग और कंधों में दर्द होना।
    • शरीर का संतुलन बनाने और चलने में परेशानी होना।
    • मांसपेशियों में ऐंठन।

    उपचार भी जरूरी

    स्पाइनल ट्युबरक्लोसिस: समय पर उपचार न कराएं तो स्पाइनल कॉर्ड के कम्प्रेशन से शरीर का निचला भाग लकवाग्रस्त हो सकता है।

    स्पाइनल कॉर्ड का ट्यूमर:स्पाइनल ट्यूमर के कारण दर्द होता है। तंत्रिका तंत्र संबंधी समस्या से कभी-कभी पैरालिसिस भी हो जाता है।
    स्पाइनल अर्थराइटिस:स्पाइनल कॉलम से निकलने वाली तंत्रिकाओं पर दबाव पड़ता है, हाथ-पैर में दर्द, कमजोरी महसूस हो सकती है।
    सर्वाइकल माइलोमैलेसिया:इसमें स्पाइनल कॉर्ड कम्प्रेस्ड हो जाती है। इसके कारण दर्द, सांस लेने में परेशानी, मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना, तंत्रिका तंत्र की कार्यप्रणाली बिगड़ सकती हैं।


    इन बातों का ध्यान रखना जरूरी

    • कंप्यूटर पर काम करते समय अपना पॉश्चर अच्छा रखें। नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।
    • मोबाइल फोन को अपने कान और कंधे के बीच में फंसाकर बात मत कीजिए। मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल से बचें।
    • हड्डियों को स्वस्थ्य रखने के लिए कैल्शियम और विटामिन डी का सेवन पर्याप्त मात्रा में करें।
    • सोने के लिए सही तकिए का इस्तेमाल करें। ऐसी गतिविधियां करने से बचें, जिससे गर्दन पर दबाव पड़ता है।
    • शरीर में पानी की कमी न होने दें। फलों और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन अधिक मात्रा में करें।
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    भुजंगाासन

    मकरासन करने का तरीका

    - पेट के बल लेट जाएं। सिर और कंधों को ऊपर उठाएं।

    - ठोड़ी को हथेलियों पर और कोहनियों को जमीन पर टिका दें।

    - रीढ़ की हड्डी में अधिक मोड़ लाने के लिए कोहनियों को एकसाथ रखें।

    - गर्दन पर अधिक दबाव महसूस करें तो कोहनियों को थोड़ा अलग कर लें।

    - पूरे शरीर को शिथिल करें और आंखें बंद कर लें।

    सावधानियां

    - योगासन किसी प्रशिक्षित ट्रेनर की देख-रेख में ही करें। योगासन करते समय अपने शरीर की सुनें।

    - अपने शरीर को उतना ही स्ट्रेच करें, जितना आप आसानी से कर सकें। किसी आसन को करने में तकलीफ हो रही हो तो उसे न करें।

    - इसे सुबह के समय करना ज्यादा फायदेमंद होगा।

    - इसे खाना खाने के तुरंत बाद न करें।

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    मकरासन

    भुजंगासन कैसे करें

    - ज़मीन पर पेट के बल लेट जाएं, पैरों के पंजों और सिर को ज़मीन पर सीधा रखें।

    - पैर एकदम सीधे रखें, पंजों और एड़ियों को भी एकसाथ रखें।

    - दोनों हाथ दोनों कंधों के बराबर नीचे रखें तथा दोनों कोहनियों को शरीर के पास और समानान्तर रखें।

    - लंबी सांस लेते हुए धीरे से सिर, फिर छाती और बाद में पेट को उठाएं। नाभि को ज़मीन पर ही रखें।

    - अब शरीर को ऊपर उठाते हुए दोनों हाथों का सहारा लेकर कमर के पीछे की ओर खींचें। दोनों भुजाओं पर समान भार बनाए रखें।

    - सांस लेते हुए दोनों हाथों को सीधा करें, गर्दन उठाते हुए ऊपर की ओर देखें।

    - अपनी क्षमतानुसार ही शरीर को तानें, बहुत ज्यादा मोड़ने से नुकसान हो सकता हैं।

    - सांस छोड़ते हुए पहले पेट, फिर छाती और बाद में सिर को धीरे से ज़मीन ले आएं।

    सावधानियां

    - योगासन किसी प्रशिक्षित ट्रेनर की देख-रेख में ही करें। योगासन करते समय अपने शरीर की सुनें।

    - अपने शरीर को उतना ही स्ट्रेच करें, जितना आप आसानी से कर सकें। किसी आसन को करने में तकलीफ हो रही हो तो उसे न करें।

    - इसे सुबह के समय करना ज्यादा फायदेमंद होगा।

    - इसे खाना खाने के तुरंत बाद न करें।

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