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बच्चों में ब्लड सर्कुलेशन दुरुस्त कर एकाग्रता बढ़ाने वाले योगासन

योग विशेषज्ञ मीना चौहान से जानते हैं इस समस्या से छुटकारा दिलाने में कौन से योगासन फायदेमंद है।

Danik Bhaskar | Jul 05, 2018, 02:21 PM IST

हेल्थ डेस्क. इन दिनों बच्चों में एकाग्रता का अभाव होता जा रहा है। एकाग्रता की कमी का एक कारण तनाव भी है। तनाव के चलते बच्चों का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता और वे चाहकर भी एकाग्रचित्त नहीं होे पाते। इस समस्या को दूर करने में योग बहुत कारगर है। रोजाना योग करने से ना केवल बच्चों की एकाग्रता बढ़ती है, बल्कि उनका शारीरिक और मानसिक तनाव भी दूर होता है। योग विशेषज्ञ मीना चौहान से जानते हैं इस समस्या से छुटकारा दिलाने में कौन से योगासन फायदेमंद है।

01. वज्रासन : मन शांत और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है
याददाश्त संबंधी समस्या वाले स्टूडेंट के लिए वज्रासन बहुत फायदेमंद है। मन को शांत करने में ये मदद करता है और इसे नियमित रूप से किया जाता है तो इससे एकाग्रता बढ़ती है। इसे करने से शरीर में रक्त प्रवाह भी सुचारू रहता है और स्वास्थ्य भी ठीक रहता है।
ऐसे करें

  • पैरों को जमीन पर फैला कर बैठ जाएं और हाथों को शरीर के बगल में रखें।
  • अब दाहिने पैर को घुटने से मोड़ें और इसको दाहिने कूल्हे के नीचे रखें।
  • इसी तरह से बाएं पैर को मोड़े और अपने बाएं कूल्हे के नीचे लाएं।
  • एड़ी को इस तरह से एडजस्ट करें कि आप के पैर की बड़ी अंगुलियां एक दूसरे को ओवरलैप करें।
  • हाथों को संबंधित घुटनों पर रखें, कुछ देर इस अवस्था में रुकने के बाद सामान्य स्थिति में लाैट आएं।

02. सूर्य नमस्कार : मेंटली रिलैक्स कर शरीर लचीला बनाता है
योग के ऊर्जावान आसनों में शामिल है सूर्य नमस्कार। खुद को फिट रखने के लिए हर विद्यार्थी को इसे करना चाहिए। सूर्य नमस्कार करने से शरीर और मन को ताकत मिलती है। इससे स्थिरता और लचीलापन भी विकसित होता है।
ऐसे करें
सूर्य नमस्कार में 12 आसन होते हैं। 6 आसनों को क्रमबद्ध तरीके से करने के फिर उन्हीं 6 को उल्टे क्रम में दाेहराया जाता है। सबसे पहले प्रणामासन से शुरुआत की जाती है। इसके बाद हस्तउत्तानासन, हस्तपादासन, अश्वसंचालन, अधोमुखश्वानासन, अष्टांगनमस्कारासन और भुजंगासन किए जाते है। भुजंगासन के बाद से अधोमुखश्वानासन से उल्टे क्रम में आसन किए जाते हैं। सूर्य नमस्कार में श्वांस क्रिया सही होना बेहद जरूरी है, इसलिए प्रारंभ में इस आसन को किसी विशेषज्ञ की सहायता से ही करें। अभ्यास हो जाने के बाद इसे अकेले भी कर सकते हैं।

03.पादहस्तासन : कार्यक्षमता बढ़ती और हड्डियां मजबूत होती हैं
इस आसन को करने से बहुत से शारीरिक लाभ मिलते हैं। इससे रीढ़ और पैरों की हड्डी को मजबूती मिलती है। इसके अलावा इसे करने से मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है और इसकी कार्यक्षमता बढ़ती है।
ऐसे करें

  • खड़े होकर दोनों पैरों को मिला लीजिए।
  • अब दोनों हाथों के पंजों को खोलकर पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचिए।
  • हाथों को पैरों के पास लाकर जमीन को छुएं।
  • हथेलियों को जमीन से छुआएं और इसी स्थिति मे रहते हुए सिर को घुटनों से लगाइए।
  • धीरे से सामान्य अवस्था में लौट आएं।

04. पद्मासन
यह आसन न केवल छात्रों को आराम देने में मदद करेगा बल्कि उनकी एकाग्रता को बेहतर बनाने में भी सहायता करेगा। इसके नियमित अभ्यास से तनाव को भी दूर किया जा सकता है।
ऐसे करें

  • बैठकर दायां पांव मोड़ते हुए पैर को बाईं जांघ के ऊपर रखें।
  • दाईं एड़ी से पेट के निचले बाएं हिस्से पर दबाव पड़ना चाहिए।
  • अब बाएं पैर को मोड़कर ऐसे ही दाईं जांघ के ऊपर रखें।
  • पीठ सीधी रखें।

05. वृक्षासन
स्टूडेंट के लिए वृक्षासन बहुत ही उपयोगी आसन है। इससे शरीर में संतुलन और दृढ़ता आती है। एकाग्रता में सुधार करने में ये बहुत लाभकारी है। इसे नियमित करने से शारीरिक तवान दूर होता है और याददाश्त भी बढ़ती है।
ऐसे करें

  • सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और पैरों के बीच की जगह को कम करें व हाथों को सीधा रखें।
  • अब दाएं पैर को उठा लें और दाएं टखने को पकड़ लें। दाईं एड़ी को दोनों हाथों की सहायता से बाईं जांघ के ऊपरी भाग यानी जोड़ पर रखें।
  • पंजों की दिशा नीचे की ओर हो और दाएं पांव के तलवे से जांघ को दबाएं। ध्यान रहे मुड़े हुए पांव को दूसरे पांव के साथ समकोण बनाए।
  • अब हथेंलियों और अंगुलियों को प्रार्थना की मुद्रा में जोड़ें, ऊपर उठाएं और छाती पर रखें फिर धीरे-धीरे उन्हेंं उठाकर सिर से ऊपर ले जाएं।
  • आपके दोनों हाथ सिर से सटे होनी चाहिए। शरीर का संतुलन बनाए रखें, यही प्रक्रिया बाएं पैर से भी दोहराएं।