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डाउनलोड करेंलखनऊ. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद योगी सरकार ने आखिरकार लगभग 10 दिन बाद यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है। यूपी के राज्य संपत्ति विभाग अधिकारी योगेश शुक्ला ने बताया कि जो पूर्व मुख्यमंत्री सरकारी बंगले में रह रहे हैं उच्च न्यायलय के आदेशानुसार उन्हें गुरूवार को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही सभी को बंगला खाली करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
7 मई को आया था सुप्रीमकोर्ट का आदेश
-बीते 7 मई को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को अब सरकारी बंगले खाली करने होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में राज्य सरकार का पहले का आदेश रद्द कर दिया है। एनजीओ लोक प्रहरी ने 2004 में याचिका लगाकर इसे रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने 2014 में इस पर सुनवाई पूरी कर ली थी, लेकिन अपना आदेश सुरक्षित रखा था। अब कोर्ट के आदेश के बाद करीब 6 पूर्व मुख्यमंत्रियों या उनके परिवारों को दो महीने में सरकारी बंगले खाली करने होंगे।
इन पूर्व मुख्यमंत्रियों के पास हैं लखनऊ में सरकारी बंगले
| नाम | पता |
कब से मिला ? |
| मुलायम सिंह यादव | 5 विक्रमादित्य मार्ग | अप्रैल, 1991 |
| मायावती | 13 ए मॉल एवेन्यू | जून, 1995 |
| राजनाथ सिंह | 4 कालीदास मार्ग | नवम्बर 2000 |
| नारायण दत्त तिवारी | 1 ए मॉल एवेन्यू | नवम्बर 1989 |
| अखिलेश यादव | 4 विक्रमादित्य मार्ग | अक्टूबर 2016 |
| कल्याण सिंह | 2 मॉल एवेन्यू | जुलाई 1992 |
मुलायम ने बंगले के लिए की योगी से मुलाकात
-सपा संरक्षक और यूपी के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। सीएम योगी से मुलाकात को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुलाकात के पीछे की वजह सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बारे में थी, जिसके तहत उच्चतम न्यायालय ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों से उनका सरकारी बंगला खाली करने का आदेश दिया था।
30 मिनट तक चली मुलाकात
- मुख्यमंत्री आवास पर दोनों नेताओं के बीच मुलाकात करीब आधे घंटे तक चली। बताया जा रहा है कि मुलाकात में मुलायम ने सीएम योगी से 4 और 5 विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित अपने और अखिलेश यादव के सरकारी बंगलों को नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी और नेता विधान परिषद अहमद हसन के नाम पर एलॉट करने की गुजारिश की है।
दो साल पहले कोर्ट ने बंगले खाली करने को कहा था
- सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2016 में भी उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगले खाली करने का आदेश दिया था। इस पर अखिलेश सरकार ने पुराने कानून में संशोधन कर यूपी मिनिस्टर सैलरी अलॉटमेंट एंड फैसेलिटी अमेंडमेंट एक्ट 2016 विधानसभा से पास करा लिया था। इसमें सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी बंगला आवंटित करने का प्रावधान किया गया था।
मप्र में भी चार पूर्व मुख्यमंत्रियों के पास हैं बंगले
- मप्र में पूर्व मुख्यमंत्रियों को कैबिनेट मंत्री की रैंक मिली हुई है। इसके मुताबिक, इन्हें बंगले के साथ ही कैबिनेट मंत्री के समान वेतन और भत्ते, सुरक्षा, प्रोटोकाल सहित सारी सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं।
1) कैलाश जोशी, -बी 30, 74 बंगला
2) दिग्विजय सिंह-बी 01, श्यामला हिल्स
3) उमा भारती-बी 06, श्यामला हिल्स
4) बाबूलाल गौर-बी 6, स्वामी दयानंद नगर, 74 बंगला
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