पूर्व गृह राज्यमंत्री स्‍वामी चिन्मयानंद पर लगा रेप केस हटेगा, 7 साल पहले शिष्या ने दर्ज कराई थी शिकायत

4 वर्ष पहले
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शाहजहांपुर.  योगी सरकार एससी आयोग के अध्यक्ष और आगरा से सांसद रामशंकर कठेरिया के खिलाफ लगे 11 केस और पूर्व केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती के खिलाफ लगे रेप के आरोप  को वापस लेने का निर्णय लिया है। वहीं,  रेप पीड़िता ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराई है। पीड़िता का कहना है कि सरकार को कोर्ट का फैसला मानना चाहिए। फिलहाल शासन द्वारा इस केस को वापस लेने के लिए न्यायालय में दस्तावेज पेश किया जाएगा। बता दें कि पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानन्द पर उनकी ही शिष्या ने रेप  का मुकदमा दर्ज कराया था।

 

 

कठेरिया के 11 मामले होंगे वापस

- वहीं, योगी सरकार ने रामशंकर कठेरिया पर 2019 से 2014 के बीच में दर्ज 11 मुकदमे वापस लेने की तैयारी में है। आगरा के कई थानों में कठेरिया के खिलाफ केस दर्ज हैं। न्याय विभाग ने आगरा DM आगरा से 13 बिन्दुओं पर रिपोर्ट मांगी है। 

- आगरा के हरीपर्वत थाने में IPC की धारा 419, 420, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज है।
- नई की मंड़ी थाने में 147, 332, 341, 353 की धारा पर केस दर्ज है। 
-थाना शाहगंज में 332, 353, 336, 427, 147 धारा के तहत केस दर्ज है। 
- थाना आगरा जीआरपी में 147, 353, 283 धारा के तहत केस दर्ज है। 

 

 

 चिन्मयानन्द सरस्वती  का मामला 7 साल पुराना 

 - 7 साल पहले पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती के खिलाफ उनकी ही एक शिष्या ने बलात्कार समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया था। लेकिन स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती की गिरफ्तारी नहीं की गई थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।

-  2011 में उन पर हरिद्वार के आश्रम में बंधक बनाकर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। शिष्या की तहरीर पर स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ शाहजहांपुर कोतवाली में 30 नवंबर, 2011 को दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया था। जिसके बाद   स्वामी चिन्मयानन्द ने गिरफ्तारी को लेकर कोर्ट से स्टे लिया था।

- शाहजहांपुर कोतवाली में स्वामी चिन्मयानंद पर दर्ज धारा 376, 506 आईपीसी का केस वापस लिए जाने का फैसला किया गया है।

- स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती पर 2009 में संस्कृत महाविद्यालय के प्रिंसिपल ने धोखाधड़ी का केस शाहजहांपुर में दर्ज कराया गया था।

 

सीएम गए थे आश्रम
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 25 फरवरी को शाहजहांपुर दौरे पर गए थे। वहां उन्‍होंने स्वामी चिन्मयानंद के आश्रम में आयोजित मुमुक्ष युवा महोत्सव में भाग लिया था। 


योगी आदित्यनाथ के करीबी हैं स्वामी चिन्मयानन्द
- स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बेहद करीबी माना जाता है। राजनीति में उनका बड़ा कद रहा है। 
- सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार का कहना है कि लेटर के मामले में हमे कोई जानकारी नहीं है।

 

 

 

योगी सरकार नेताओं के केस ले रही वापस

- उत्तर प्रदेश सरकार ने सीएम योगी आदित्यनाथ समेत बीजेपी के कई बड़े नेताओं के खिलाफ दर्ज करीब 20 हजार केस वापस लेने का फैसला दिसंबर में किया था। योगी पर दर्ज करीब 8 केस को वापस लेने का फैसला किया गया था। योगी के अलावा यूनियन मिनिस्टर शिवप्रताप शुक्ल के केस भी वापस लिए जाने को कहा गया था। गवर्नर राम नाईक ने केस वापस लेने की मंजूरी राज्य सरकार को दे दी थी।

 

योगी पर कौन सा बड़ा केस?

 

-1995 में गोरखपुर के पीपीगंज में योगी धरना-प्रदर्शन करने गए थे। उस समय कस्बे में धारा 144 (निषेधाज्ञा) लागू थी। इसके बावजूद योगी और उनके समर्थकों ने धरना दिया था।

- इस मामले में योगी के अलावा राकेश सिंह, नरेंद्र सिंह, समीर सिंह, शिव प्रताप शुक्ल (वर्तमान में केंद्रीय मंत्री), विश्वकर्मा द्विवेदी, शीतल पांडेय (वर्तमान में विधायक), विभ्राट चंद कौशिक, उपेंद्र शुक्ल, शंभूशरण सिंह, भानुप्रताप सिंह और रमापति राम त्रिपाठी आदि के खिलाफ धारा 188 में केस दर्ज किया गया था। इस बारे में एक अपील जल्द ही हाईकोर्ट में दायर की जाएगी।

- योगी आदित्यनाथ के अलावा केन्द्रीय मंत्री शिवप्रताप शुक्ला  और विधायक शीतल पांडेय समेत 13 लोगों के खिलाफ पीपीगंज थाने में साल 1995 में दर्ज केस भी वापस लिया जाएगा।

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