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युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, बच्चे दादा से बार-बार पूछ रहे पापा कब आएंगे उन्हें क्या हो गया

3 वर्ष पहले
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ग्वालियर. एक युवक ने सोमवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने जान देने से पहले सुसाइड नोट लिखा, जिसमें पेट की बीमारी से परेशान होने का जिक्र किया है। परिजनों का भी कहना है कि वह पेट की बीमारी के कारण बहुत तनाव में रहता था। गिरवाई थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया।


- सिकंदर कंपू के रहने वाले दुर्गाप्रसाद अटारिया के तीसरे नंबर का बेटे धीरज अटारिया (30) नया बाजार में कपड़े की दुकान पर काम करते थे।

- पिछले दो साल से वह काफी बीमार रहने लगे थे। सोमवार रात को वह नींद की गोलियां खाकर सोए। 

- सुबह करीब 9.30 बजे पत्नी रश्मि ने उन्हें जगाया तो बोले कि अभी नींद पूरी नहीं हुई है। यह सुनकर पत्नी नीचे आ गई।

- इसी दौरान उन्होंने अपने कमरे में फांसी लगा ली। करीब आधा घंटे तक जब वह नीचे नहीं आए तो पत्नी दोबारा कमरे में गई।

- वहां पति को फांसी के फंदे पर लटका देख उसकी चीख निकल गई। चीख सुनकर घर में मौजूद लोग वहां पहुंचे। उन्हें फांसी के फंदे से उतारा। लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

- उनकी जेब से एक पर्ची मिली, जिसमें उन्होंने आत्महत्या का कारण लिखा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

 


- रात-रातभर दर्द से तड़पते थे: धीरज के परिजनों ने बताया कि वह रात-रातभर दर्द से तड़पते थे।

- पेट की बीमारी का कई डॉक्टरों से इलाज कराया लेकिन कोई आराम नहीं मिला। इसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगे।

- मानसिक आरोग्यशाला में भी इलाज कराया। परिजन के मुताबिक, वह पहले भी कई बार कह चुके था कि वह अब जीना नहीं चाहते। कई बार समझाया था लेकिन फिर भी आत्महत्या कर ली।


बच्चे बार-बार पूछ रहे थे पापा को क्या हो गया

-  धीरज की शादी 2012 में हुई थी। उनके दो बेटे हैं। इस घटना से उनकी पत्नी बेसुध हो गई थी।

- बेटे बार-बार पूछ रहे थे कि पापा को क्या हो गया। धीरज के पिता का भी रो रोकर बुरा हाल था।

 

 

मेरे घरवालों को परेशान न किया जाए
- मैं धीरज अटारिया अपनी पेट की बीमारी के कारण परेशान था। इस कारण टेंशन बहुत रहती थी।

- धीरे-धीरे मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। उसकी दवा लीं। उनसे भी आराम नहीं मिला। इस कारण मैंने यह कदम उठाया है।

- इस कारण घर वालों को परेशान न किया जाए। बीमारी के कारण यह कदम उठाया है। - जैसा कि मृतक ने सुसाइड नोट में लिखा है।