फेक न्यूज एक्सपोज:यूपी में जुमे की नवाज के बाद हुई हिंसा से जोड़कर 1 साल पुराना वीडियो वायरल

18 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ की भगदड़ के बीच दो युवक बंदूक में कारतूस भरते हुए दिख रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो कानपुर का है। जहां अत्याधुनिक हत्यारों से कुछ लोग अंधाधुंध फायरिंग कर रहे हैं और पुलिस सिर्फ आंसू गैस के गोले छोड़ रही है।

10 जून को पैगंबर मोहम्मद टिप्पणी विवाद पर यूपी में कई जगहों पर हिंसा हुई थी। हिंसा से जोड़कर 11 जून को ये वीडियो शेयर किया गया।

और सच क्या है?

  • वायरल वीडियो का सच जानने के लिए हमने इसके की-फ्रेम को गूगल पर रिवर्स सर्च किया। सर्च रिजल्ट में हमें ये वीडियो श्रमजीवी पत्रकार कल्याण एसोसिएशन के सोशल मीडिया अकाउंट पर मिला।
  • 10 मई 2021 के इस पोस्ट के रिप्लाई में हमें बरेली पुलिस अधिकारी की वीडियो बाइट मिली। 9 मई 2021 को थाना भोजीपुरा क्षेत्र में एक समुदाय के दो पक्षों में मांस खरीदने को लेकर विवाद हुआ।
  • विवाद का मुख्य कारण मांस की कीमत को लेकर हुआ। इसमें एक पक्ष ने अवैध हथियार से फायर करने की बात हुई। इस मामले में थाना भोजीपुरा में मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है।
  • इस मामले से जुड़ी पूरी खबर 1 साल पहले भास्कर ने अपनी वेबसाइट पर भी पब्लिश की थी।
  • 9 मई 2021 की ये घटना भोजीपुरा थाना क्षेत्र के टांडा गांव की है। जहां प्रतिबंधित पशु का मीट बेचने को लेकर दुकान मालिक और किरायेदार आमने सामने आ गए। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर बंदूक तान दी और कई राउंड फायर भी हुए।
  • साफ है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। ये वीडियो पिछले दिनों हुई हिंसा का नहीं बल्कि 1 साल पुराना है।