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फैक्ट चेक / JNU की प्रदर्शन रैली में दिखा स्टिंग वाला अक्षत अवस्थी, लेकिन यह रैली ABVP ने नहीं बल्कि JNUSU ने की थी

Akshat Awasthi ABVP | No Fake News, Akshat Awasthi ABVP Karyakarta Activists News Updates JNU Sabarmati Hostel Violence
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Akshat Awasthi ABVP | No Fake News, Akshat Awasthi ABVP Karyakarta Activists News Updates JNU Sabarmati Hostel Violence

  • इंडिया टुडे के जर्नलिस्ट राहुल कंवल ने एक रैली में अक्षत अवस्थी के दिखने के आधार पर दावा किया कि, यह एबीवीपी कार्यकर्ता हैं
  • इंडिया टुडे ने शुक्रवार को प्रसारित अपने स्टिंग ऑपरेशन में जेएनयू हिंसा के पीछे जिन दो लोगों को बताया है, उनमें अक्षत अवस्थी का नाम शामिल, चैनल का दावा यह एबीवीपी से जुड़े हैं

Dainik Bhaskar

Jan 11, 2020, 03:23 PM IST

फैक्ट चेक डेस्क. जेएनयू में हुई हिंसा के बाद न्यूज चैनल 'आज तक' द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन में दो एबीवीपी कार्यकर्ताओं को हिंसा फैलाने का जिम्मेदार बताया गया है। एबीवीपी ने स्टिंग में दिखाए गए दोनों ही छात्रों के बारे में कहा कि, यह एबीवीपी के सदस्य नहीं हैं। हमारी पड़ताल में भी ये तथ्य सामने आए हैं जो यह बताते हैं कि इंडिया टूडे ने जेएनयूएसयू एक्टिविस्ट को एबीवीपी सदस्य के तौर पर दिखाया है। जानिए पूरा सच।

  • स्टिंग ऑपरेशन ऑन एयर होने के बाद एबीवीपी ने स्पष्ट किया कि स्टिंग में अक्षत अवस्थी को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, वो एबीवीपी का सदस्य नहीं है और संगठन से किसी भी तरह से नहीं जुड़ा। इसके बाद इंडिया टुडे के जर्नलिस्ट राहुल कंवल ने एक ट्वीट करते हुए दावा कि अक्षत एबीवीपी का ही सदस्य है।
  • राहुल ने एक रैली की मीडिया कवरेज के स्क्रीनशॉट शेयर किए, इस रैली को एबीवीपी की रैली बताया और दावा किया कि रैली में अक्षत अवस्थी भी नजर आ रहा है, इससे यह साबित होता है कि यह एबीवीपी का ही मेम्बर है। 
  • राहुल कंवल ने एक फोटो भी पोस्ट की जिसमें एक युवक को हाथों में तिरंगा लहराते हुए दिखाया गया है उन्होंने दावा कि यह रैली एबीवीपी द्वारा आयोजित की गई थी और हाथों में तिरंग पकड़ने वाला युवा एबीवीपी का अक्षत अवस्थी है। 
यह फोटो जर्नलिस्ट कंवल द्वारा शेयर की गई। 
  • हमने पड़ताल में सबसे पहले यही तलाशा कि राहुल कंवल जिस रैली को एबीवीपी का बता रहे हैं, वास्तव में वो रैली किस संगठन द्वारा निकाली गई थी। राहुल कंवल द्वारा जो फोटो पोस्ट की गई है, उसी को मनोरमा ने 11 नवंबर को प्रकाशित किया था। इसके साथ प्रकाशित की गई रिपोर्ट में लिखा था कि, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स द्वारा हॉस्टल फीस बढ़ोत्तरी के विरोध में प्रदर्शन किया गया। 
  • इस तथ्य से ये बात साबित होती है कि राहुल कंवर जिसे 'एबीवीपी रैली' बता रहे हैं दरअसल वो 11 नवंबर 2019 को हॉस्टल फीस बढ़ाने के विरोध में निकाली गई रैली का चित्र है। 
  • खुद इंडिया टुडे ने भी इस आर्टिकल को 11 नवंबर को प्रकाशित किया था और अब इंडिया टुडे द्वारा ही इसे एबीवीपी रैली कहा जा रहा है। 
  • इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, फीस बढ़ोत्तरी के विरोध में जेएनयू के हजारों स्टूडेंट्स ने नारे लगाए। बैनर लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस से स्टूडेंट्स की झड़प भी हुई। यह प्रदर्शन ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन के परिसर के बाहर किया गया था। 11 नवंबर को होने वाला विरोध AICTE के बाहर था, JNU के तीसरे दीक्षांत समारोह का स्थान, जिसे उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने संबोधित किया था। 
  • इंडिया टुडे में प्रकाशित आर्टिकल के मुताबिक,11 नवंबर को हुआ विरोध जेएनयूएसयू द्वारा आयोजित था। इस प्रोटेस्ट को बिरसा अम्बेडकर फुले स्टूडेंट्स एसोसिएशन (BAPSA), आरजेडी की क्षत्र और कांग्रेस की एनएसयूआई द्वारा समर्थन दिया गया था। रैली में 'हमें चाहिए आजादी' जैसे नारे लगाए गए थे। इंडिया टुडे के आर्टिकल के मुताबिक, एचआरडी मिनिस्टर की जेएनयूएसयू अध्यक्ष आईशी घोष से बातचीत के बाद ही स्थिति नियंत्रण में आ सकी थी।
  • इंडिया टुडे ने खुद इस आर्टिकल में कहीं भी एबीवीपी का एक बार भी जिक्र नहीं किया। 
  • यहां इंडिया टुडे द्वारा 11 नवंबर को कवरेज किए गए इस विरोध प्रदर्शन का वीडियो भी देखा जा सकता है। वीडियो में भी कहीं रैली को एबीवीपी का नहीं बताया गया।
  • खुद राहुल कंवल द्वारा जनसत्ता में प्रकाशित जिस खबर का स्क्रीनशॉट शेयर किया गया है, उसमें भी पूरी रिपोर्ट पढ़कर पता चलता है कि यह एबीवीपी की रैली नहीं थी। इसमें स्पष्ट लिखा है कि, 'जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष और उपाध्यक्ष साकेत मून को मंत्री के लिए रास्ता दिए जाने के लिए विद्यार्थियों ने बात करने को कहा'। 
  • सोशल मीडिया में 11 नवंबर को जेएनयूएसयू द्वारा आयोजित इस रैली का पेम्पलेट भी वायरल किया गया था। 
  • निष्कर्ष : पड़ताल से स्पष्ट होता है कि जिस रैली को राहुल कंवल द्वारा एबीवीपी का बताया जा रहा है, वो दरअसल जेएनयूएसयू द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन था। खुद इंडिया टुडे द्वारा भी इस प्रदर्शन का कवरेज किया गया था, जिसमें कहीं भी एबीवीपी का जिक्र नहीं किया गया।
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