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फैक्ट चेक:बिल गेट्स का लोगों के शरीर पर चिप लगाने का दावा झूठा, डिजिटल सर्टिफिकेशन की बात को तोड़-मरोड़कर यह अफवाह फैलाई गई

एक वर्ष पहले
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  • क्या वायरल : सोशल मीडिया के साथ ही कई वेबसाइट्स पर यह खबर तेजी से फैल रही है कि बिल गेट्स कोरोना टेस्ट के साथ लोगों के शरीर पर चिप लगा रहे हैं , जिससे लोगों पर नजर रखी जा सके।
  • सच्चाई : बिल गेट्स ने टेस्टिंग के साथ लोगों को डिजिटली सर्टिफाइड करने की बात कही है, इसका चिप से कोई लेना-देना नहीं है।

जब दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने लगे थे। तब बिल गेट्स का 2015 का एक वीडियो वायरल होता है। जिसमें वे यह कहते हुए नजर आ रहे थे कि दुनिया के सामने अगली चुनौती एक वायरस के रूप में आएगी। इसी आधार पर लोगों ने यह आकलन लगाना शुरू कर दिया कि कोरोना वायरस बिल गेट्स की ही देन है। यहीं से बिल गेट्स और कोरोना वायरस के संबंध में कई तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित होना शुरू हुईं। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन संस्था न सिर्फ कोरोना संक्रमण के दौरान दुनिया के कई हिस्सों में आर्थिक मदद पहुंचा रही है। बल्कि वैक्सीन विकसित करने के लिए भी काम कर रही है। 

बिल गेट्स और कोरोना वायरस से जुड़ी सबसे नई अफवाह चिप से संबंधित है। मार्च के महीने में बिल गेट्स का एक बयान सामने आया कि टेस्टिंग के दौरान लोगों को डिजिटली सर्टिफाइड किया जाएगा। इस बयान के साथ ही यह खबर तेजी से फैलने लगी कि बिल गेट्स चिप के जरिए लोगों पर नजर रखने की साजिश रच रहे हैं। 

क्या वायरल : यह दावा किया जा रहा है कि डिजिटल सर्टिफिकेशन के बहाने बिल गेट्स लोगों के शरीर में चिप लगाएंगे। चिप लगाने की मंशा पर भी कई तरह की अफवाहें हैं। किसी का दावा है कि बिल गेट्स जनसंख्या नियंत्रण के लिए ऐसा कर रहे हैं। तो किसी का मानना है कि निजी जानकारी जुटाने के लिए यह हो रहा है। 

ट्विटर पर चिप से जुड़ी इस तरह की अफवाह फैलाई जा रही हैं 

फैक्ट चेक पड़ताल 

अफवाह का जन्म हुआ बिल गेट्स के डिजिटल सर्टिफिकेशन वाले बयान से। 19 मार्च, 2020 को बिल गेट्स ने अपने ब्लॉग "गेट नोट्स' के क्वेश्चन-आंसर सीरीज के तहत कुछ सवालों के जवाब दिए। एक जवाब में उन्होंने कहा कि : हमारे पास कुछ डिजिटल सर्टिफिकेट्स हैं। जिनसे यह आकलन हो सके कि किसका टेस्ट हुआ है किसका नहीं। भविष्य में जब वैक्सीन बनती है तो इससे यह भी आकलन हो सकेगा कि, किसे वैक्सीन लग चुकी है किसे नहीं। इस जवाब में चिप का कोई जिक्र नहीं था। 

- - बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन में वैज्ञानिकों की टीम की सदस्य एना जेकेलनेक ने बीबीसी से बातचीत में बताया कि इस टेक्नोलॉजी का चिप से कोई संबंध नहीं है। न ही अब तक इसका उपयोग किया गया है। यह सिर्फ एक इनविजिबल टैटू की तरह होगा। इस टेक्नोलॉजी के जरिए किसी की निजी जानकारी जुटाना संभव नहीं है। 

निष्कर्ष : बिल गेट्स ने डिजिटल सर्टिफिकेट का जिक्र किया है न की चिप का। चिप से जुड़ी सूचनाएं अफवाह हैं। 

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