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फैक्ट चेक / न अमूल ने सेंटर बंद किए, न दूध-हल्दी से ठीक होता है कोरोना, इजराइल के टीका विकसित करने का दावा भी झूठा

Coronavirus Fake News Circulating On Social Media Over Novel Corona Virus COVID-19 False Claim
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Coronavirus Fake News Circulating On Social Media Over Novel Corona Virus COVID-19 False Claim

  • कोरोनावायरस को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रहीं अफवाहें, इनसे सावधान रहें
  • दुनिया के साढ़े चार लाख से ज्यादा लोग इस घातक वायरस के संक्रमण का शिकार हैं

दैनिक भास्कर

Mar 26, 2020, 12:52 PM IST

फैक्ट चेक डेस्क. दुनियाभर में अब तक कोरोनवायरस के 4 लाख 71 हजार 794 (खबर लिखे जाने तक) मामले सामने आ चुके हैं। 21 हजार से ज्यादा लोग इस वायरस के चलते जान गवां चुके हैं। हालांकि 1 लाख 14 हजार 703 लोग संक्रमण से ठीक भी हो गए हैं। भारत में वायरस 25 राज्यों तक फैल चुका है और संक्रमितों का आंकड़ा 650 को पार कर गया है। अब तक 15 से ज्यादा मरीजों की मौत भी हुई है। इन्हीं सबके बीच कोरोनवायरस को लेकर बहुत सारी अफवाहें फैलाई जा रही हैं। हम लगातार इनकी पड़ताल कर सच सामने ला रहे हैं। जानिए ऐसे ही 10 दावों का सच। भास्कर की अपील है कि इस तरह की अफवाहों को बढ़ावा न दें।

झूठे हैं ये 10 दावे

#पहला दावा
क्या वायरल : घर में ही कोरोनायरस की जांच करने के तरीके वायरल हो रहे हैं। एक मैसेज में दावा किया गया है कि गहरी सांस लेकर 10 सेकंड तक इसे रोक लिया तो समझें आपको संक्रमण नहीं है।
क्या सच : स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने इस दावे को झूठा बताया है। कोरोनावायरस की जांच सरकार द्वारा चिन्हित किए गए अस्पतालों में ही सही तरीके से हो सकती है।

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#दूसरा दावा
क्या वायरल : तीन फोटोज वायरल कर दावा किया गया है कि, इंडियन आर्मी ने कोरोना पीड़ितों के लिए बाड़मेर में एक हजार बेड का हॉस्पिटल बनाया है।
क्या सच : आर्मी ने इस दावे का खंडन किया है। जिन फोटोज को वायरल किया जा रहा है, वो पहले से ही इंटरनेट पर मौजूद हैं।

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#तीसरा दावा

क्या वायरल : दावा किया जा रहा है कि बर्तन-ताली की ध्वनि से होने वाले वाइब्रेशन से कोरोनावायरस खत्म होता है।
क्या सच : भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने बताया कि, दावा झूठा है।

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#चौथा दावा
क्या वायरल : अमूल के नाम से वायरल लेटर में दावा किया गया है कि कंपनी 21 मार्च से अनिश्चितकाल के लिए अपने सेंटर बंद कर रही है।
क्या सच : कंपनी ने एमडी ने कहा कि, ये लेटर फर्जी है। अमूल सप्लाई कम करने नहीं बल्कि बढ़ाने पर काम कर रही है।

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#पांचवा दावा
क्या वायरल : एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें कई बकरे-बकरियां जमीन पर पड़े दिख रहे हैं। दावा है कि, यह वीडियो अजमेर के बकरा मार्केट का है, जहां कोरोनावायरस फैल गया है।
क्या सच : वायरल वीडियो भारत में कोरोनावयरस आने से पहले का है। एनिमल हसबेंडरी डिपार्टमेंट के एडिशनल डायरेक्टर ने भी इसे फर्जी बताया है। 

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#छटवां दावा
क्या वायरल : कोरोनावायरस को लेकर आज तक न्यूज चैनल के नाम से फर्जी स्क्रीनशॉट वायरल किए जा रहे हैं। जैसे तानसेन खाने से ठीक होगा कोरोनवायरस। तुलसी पीने से नहीं होगा कोरोनावायरस।
क्या सच : विशेषज्ञों ने दावों को झूठा बताया है और अपील की है कि इस तरह की फर्जी बातों के चक्कर में न पड़ें। 

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#सातवां दावा
क्या वायरल :
दावा किया जा रहा है कि इजराइल ने कोरोनावायरस का टीका विकसित कर लिया है।
क्या सच : विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, कोई भी देश अब तक कोरोनावायरस का टीका विकसित नहीं कर सका है।

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#आठवां दावा
क्या वायरल : सोशल मीडिया में दावा किया गया है कि सरकार कोरोनावायरस से बचने के लिए फ्री में मास्क बांट रही है।
क्या सच : सरकार ऐसी कोई योजना नहीं चला रही। फ्री में मास्क बांटने का दावा झूठा है।

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#नौवा दावा
क्या वायरल : दावा है कि 1981 में छपे अमेरिकी लेखक डीन कून्ट्ज के उपन्यास 'द आईज ऑफ डार्क सीक्रेट' में कोरोना के बारे में पहले ही बता दिया गया था और यह चीन का बनाया जैविक हथियार है।
क्या सच : उपन्यास के 1981 वाले संस्करण में गोर्की-400 लिखा गया था, जिसे बाद में वुहान-400 किया गया। इसमें किए गए दावे भी मौजूदा कोरोनावायरस से मेल नहीं खाते।

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#दसवां दावा
क्या वायरल :
दावा है कि हल्दी-नींबू के नियमित इस्तेमाल से कोरोनावायरस से बचाव हो सकता है।
क्या सच : ऐसा कोई अध्ययन सामने नहीं आया लेकिन कच्ची हल्दी के रोजाना इस्तेमाल से रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) मजबूत होती है। 

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