फैक्ट चेक / डॉक्टर रमेश गुप्ता की किताब 'आधुनिक जन्तु विज्ञान' की फोटो वायरल, झूठा है इसमें कोरोनवायरस की दवा लिखे होने का दावा

Coronavirus Novel (COVID 19) Medicines Today Fake News On Photos Viral Of Ramesh Gupta Book
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Coronavirus Novel (COVID 19) Medicines Today Fake News On Photos Viral Of Ramesh Gupta Book

  • क्या वायरल : डॉक्टर रमेश गुप्ता की किताब 'आधुनिक जन्तु विज्ञान' का एक पेज वायरल किया गया है। दावा है कि, कोरोनावायरस और इसकी दवा के बारे में इस किताब में पहले से ही जानकारी दी गई है
  • क्या सच : कोरोना वायरस कोई एक वायरस नहीं है, बल्कि यह वायरस की एक फैमिली का नाम है। इस फैमिली में सैकड़ों वायरस आते हैं। अभी हम SARS-Cov-2 से जूझ रहे हैं, जिसकी कोई दवा नहीं बनी। किताब में भी इसके बारे में कुछ नहीं लिखा गया

दैनिक भास्कर

Mar 24, 2020, 12:24 PM IST

फैक्ट चेक डेस्क. कोरोनावायरस को लेकर कई झूठे मैसेज वायरल किए जा रहे हैं। अब डॉक्टर रमेश गुप्ता द्वारा लिखित जन्तु विज्ञान की किताब का स्क्रीनशॉट वायरल किया जा रहा है। दावा है कि, इसमें कोरोनावायरस की दवा के बारे में बताया गया है। साथ ही यह भी लिखा गया है कि, यह कोई नई बीमारी नहीं है बल्कि इसके बारे में तो पहले से ही इंटरमीडिएट की किताब में बताया गया है साथ ही इसका इलाज भी बताया है। 

क्या वायरल

  • जन्तु विज्ञान की किताब का एक पेज वायरल किया जा रहा है। 
  • इसमें लिखा है कि, 'साधारण जुकाम अनेक प्रकार के विषाणुओं द्वारा होता है। इसमें 75 % रहीनोवाइरस तथा शेष में कोरोना वायरस होता है '। 
  • यूजर्स इस किताब के पेज का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि, 'भाइयों काफी किताबों में ढूंढने के बाद बड़ी मुश्किल से कोरोना वायरस की दवा मिली है, हम लोग कोरोना वायरस की दवा ना जाने कहां-कहां ढूंढते रहे लेकिन कोरोना वायरस की दवा इंटरमीडिएट की जन्तु विज्ञान की किताब में दी गई है जिस वैज्ञानिक ने इस बीमारी के बारे में लिखा है उसने ही इसके इलाज के बारे में भी लिखा है और यह कोई नई बीमारी नहीं है इसके बारे में तो पहले से ही इंटरमीडिएट की किताब में बताया गया है साथ में इलाज भी. कभी-कभी ऐसा होता है कि डॉक्टर और वैज्ञानिक बड़ी-बड़ी किताबों के चक्कर में छोटे लेवल की किताबों पर ध्यान नहीं देते और यहां ऐसा ही हुआ है. (किताब- जन्तु विज्ञान, लेखक- डॉ रमेश गुप्ता, पेज नं-1072) इससे मिलती जुलती कोई दवा ईजाद की जा सकती जो शायद कारगर साबित हो सके'

क्या है सच्चाई

  • खबर की पड़ताल में हमें भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) द्वारा किया गया एक ट्वीट मिला, जिसमें इस वायरल दावे को फर्जी बताया गया है। 
  • विशेषज्ञों के मुताबिक, कोरोना वायरस कोई एक वायरस नहीं है, बल्कि यह वायरस की एक फैमिली का नाम है। इस फैमिली में सैकड़ों वायरस आते हैं। हर एक वायरस का खतरे का स्तर अलग-अलग होता है। 
  • बहुत से कोरोनवायरस सिर्फ सर्दी-जुकाम वाले होते हैं। डॉ गुप्ता की किताब में जो दवाईयां लिखी हैं वो सर्दी-जुकाम के लक्षणों को ठीक करने के लिए हैं। 
  • अभी हम जिस वायरस का सामना कर रहे हैं वो रेस्पिरेटरी डिसीज कॉजिंग कोरोना वायरस है। इससे सांस की तकलीफ होती है। इसका नाम SARS- Cov-2 रखा गया है और इससे होने वाली बीमारी को Covid-19 कहा जाता है। 
  • इस बीमारी की अभी तक कोई दवा ईजाद नहीं हो सकती है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इसकी पड़ताल में लगे हैं। 

निष्कर्ष : वायरल दावा झूठा है। इस तरह के भ्रामक दावों पर यकीन न करें।

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