फेक न्यूज एक्सपोज:कश्मीरियों ने गाय काटी और तिरंगा जलाया? फोटो के साथ वायरल हो रहे मैसेज का सच जानिए

2 वर्ष पहले
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क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया पर चार फोटोज का एक कोलाज वायरल हो रहा है। एक फोटो में मृत गाय और जलता हुआ तिरंगा दिख रहा है। बाकी 3 फोटोज में जख्मी पुलिसकर्मी नजर आ रहे हैं।

वायरल हो रहे मैसेज में दावा किया जा रहा है कि ये सभी फोटो कश्मीर की हैं। जहां गाय को काटकर तिरंगा जलाया गया। साथ ही पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई।

दैनिक भास्कर की ‘फेक न्यूज एक्सपोज’ टीम के ईमेल और वॉट्सऐप हेल्पलाइन पर कई रीडर्स ने ये फोटो कोलाज पड़ताल के लिए भेजा।

और सच क्या है?

  • वायरल मैसेज के की-वर्ड को गूगल सर्च करने से पता चलता है कि चारों फोटो इसी दावे के साथ 2015 से ही शेयर की जा रही हैं। जाहिर है फोटो किसी हालिया घटना की नहीं हैं। हमने चारों फोटोज की एक-एक कर सत्यता जांचनी शुरू की।
  • पहली फोटो जिसमें दोनों हाथ उठाए एक पुलिसकर्मी खून से लथपथ दिख रहा है। ये फोटो त्रिपुरा की है। यह 13 जुलाई 2011 के एक आर्टिकल से पता चलता है। फोटो तब की है, जब अगरतला में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच ये झड़प हुई थी।
  • दूसरी फोटो जिसमें कुछ लोग तिरंगा जलाते दिख रहे हैं। साथ ही मृत गाय है। फोटो को ध्यान से देखने पर कुछ लोगों के हाथों में पाकिस्तान का झंडा हमें दिखाई दिया। इससे क्लू मिला कि फोटो पाकिस्तान की हो सकती है।
  • दूसरी फोटो में बाईं तरफ एक ब्रांड का लोगो दिखा। लोगो को गूगल पर रिवर्स सर्च करने से पता चलता है कि ये पाकिस्तान के ही एक ब्रांड nishantLinen का लोगो है।
  • जलते हुए तिरंगे की दूसरे एंगल से ली गई यही फोटो अफ्रीकन प्रेस की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी हमें मिली। यहां दी गई जानकारी से पुष्टि होती है कि फोटो कश्मीर नहीं, बल्कि पाकिस्तान की है ।
  • तीसरी फोटो जिसमें घायल पुलिसकर्मी दिख रहा है। Deccan Chronicle की खबर से पता चलता है कि फोटो 6 साल पुरानी उत्तर प्रदेश की घटना की है। जख्मी हालत में यूपी पुलिस के डीआईजी विजय सिंह मीणा हैं, जो प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में घायल हो गए थे।
  • मुंह पर रुमाल बांधे जख्मी पुलिसकर्मी की चौथी फोटो को गूगल पर रिवर्स सर्च करने से 2015 की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स सामने आईं। जिनसे पता चलता है कि ये फोटो जम्मू में हुए सिखों के एक प्रदर्शन की है। फोटो में सब इंस्पेक्टर अरुण शर्मा नजर आ रहे हैं, जिन पर उग्र प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया था।
  • साफ है चारों फोटोज का आपस में कोई संबंध नहीं है। सोशल मीडिया पर फोटो कोलाज के साथ वायरल हो रहा मैसेज पूरी तरह से फेक है।

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