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फैक्ट चेक / धोनी ने झारखंड में भाजपा का प्रचार नहीं किया, इसलिए बीसीसीआई कॉन्ट्रेक्ट से बाहर हुए; पर सच कुछ और है

fact check ms dhoni did not campaign for bjp in jharkhand so bcci removed dhoni from annual contract list
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fact check ms dhoni did not campaign for bjp in jharkhand so bcci removed dhoni from annual contract list

  • क्या वायरल : सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि झारखंड विधानसभा चुनाव में एमएस धोनी ने भाजपा का प्रचार नहीं किया, इसलिए उन्हें बीसीसीआई के कॉन्ट्रैक्ट से बाहर किया गया
  • क्या सच : बीसीसीआई के कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक, किसी खिलाड़ी को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल होने के लिए सीजन में कम से कम 3 टी-20 खेलना जरूरी, लेकिन धोनी वर्ल्ड कप के बाद से ही नहीं खेले

Dainik Bhaskar

Jan 21, 2020, 03:28 PM IST

फैक्ट चेक डेस्क. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिए गए हैं। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि झारखंड विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए भाजपा ने धोनी को एप्रोच किया था, लेकिन धोनी ने ऐसा करने से मना कर दिया। जिसके बाद ही उन्हें बीसीसीआई सचिव और गृहमंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह के कहने पर सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया। लेकिन सच तो ये है कि बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में उसी खिलाड़ी को जगह दी जाती है, जिसने सीजन में कम से कम 3 टी-20 मैच खेले हों, लेकिन धोनी वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल के बाद से ही मैदान से दूर हैं।


क्या है पूरा मामला?
धोनी को कॉन्ट्रैक्ट में जगह नहीं मिलने पर दावा किया जा रहा है कि भाजपा ने झारखंड विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए उन्हें एप्रोच किया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया, इसलिए उन्हें इस बार जगह नहीं दी गई। कुछ लोग तो ये भी दावा कर रहे हैं कि भाजपा धोनी को विधानसभा चुनाव भी लड़वाना चाहती थी, लेकिन धोनी ने मना कर दिया। 

क्या है सच्चाई?

  • बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में इस बार 27 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इनमें विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह A+ ग्रेड में हैं। जबकि A ग्रेड में 11, B ग्रेड में 5 और C ग्रेड में 8 खिलाड़ियों को जगह दी गई है। इस बार धोनी इस कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में नहीं हैं। पिछली बार वे A ग्रेड में थे।
  • बीसीसीआई सूत्रों के मुताबिक, धोनी को पहले ही कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर रखे जाने की जानकारी बोर्ड ने दे दी थी। उन्हें स्पष्ट कर दिया गया था कि वे सितंबर 2019 से अब तक कोई भी मैच नहीं खेले हैं। 
  • बोर्ड के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल होने के लिए किसी खिलाड़ी को तयशुदा सीजन में कम से कम 3 टी-20 मैच खेलने होते हैं, जबकि धोनी 9 जुलाई 2019 को वर्ल्डकप में खेले गए सेमीफाइनल के बाद से किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैच में नहीं उतरे हैं।

क्या भाजपा नेताओं ने धोनी को एप्रोच किया था?

  • लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने महेंद्र सिंह धोनी से 'संपर्क फॉर समर्थन' अभियान के तहत मुलाकात भी की थी। इसके बाद धोनी के लोकसभा चुनाव लड़ने की अफवाहें भी उड़ी थीं। हालांकि, अक्टूबर 2018 में धोनी के एक करीबी ने इसे अफवाह ही बताया था और कहा था कि धोनी किसी भी पार्टी से चुनाव लड़ेंगे और कम से कम दो साल और क्रिकेट खेलेंगे। 
  • इसके बाद जुलाई 2019 में भाजपा नेता संजय पासवान ने दावा किया था कि धोनी को पार्टी में शामिल करने पर काफी लंबे से बात चल रही है। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा था कि धोनी संन्यास के बाद ही पार्टी में आएंगे। इसके बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में धोनी पर पूछे गए सवाल पर कहा था कि अगर धोनी पार्टी में आना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है।

निष्कर्ष : भाजपा में शामिल होने या झारखंड विधानसभा चुनाव में प्रचार करने से मना करने पर धोनी को बीसीसीआई सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में जगह नहीं मिलने की बात सही नहीं है।

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