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फैक्ट चेक / इजरायल ने नहीं गिफ्ट की गंगा नदी साफ करने की मशीन, वायरल वीडियो यूएस और भारत में सफाई की अलग-अलग मशीनों के हैं



Fact check- Viral video of machines cleaning water bodies claimed to be gifted by israel to india
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Fact check- Viral video of machines cleaning water bodies claimed to be gifted by israel to india

  • क्या फेक : इजरायल ने गंगा नदी की सफाई के लिए भारत को अत्याधुनिक मशीनों का तोहफा दिया है, वीडियो वायरल
  • क्या सच : इजरायल ने भारत को पानी के खारेपन को दूर करने वाली मशीन गिफ्ट की है, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही मशीने यूएस और भारत में सफाई के लिए लगाई गई थी

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2019, 08:00 PM IST

फैक्ट चेक डेस्क. दैनिक भास्कर प्लस ऐप के एक पाठक ने नदी के पानी को साफ करती कुछ मशीनों का एक वीडियो भेजा और सच्चाई जाननी चाही। वीडियो में तीन अलग-अलग मशीनें नदी, तालाब में से कचरा अलग कर सफाई करती दिखाई दे रहीं हैं।

 

दावा किया जा रहा है कि ये मशीनें इजरायल ने गंगा नदी साफ करने के लिए भारत को तोहफे में दी हैं। इसके लिए यूजर्स प्रधानमंत्री मोदी और उनके प्रयासों की प्रशंसा कर रहे हैं।

 

क्या वायरल

  • यूजर्स लिख रहे हैं, "इजरायल ने गंगा नदी साफ करने के लिए ये तोहफा भारत को दिया है। मोदी सरकार के दोस्ताना प्रयासों का शुक्रिया"
  • वायरल वीडियो साल 2018 में भी इसी दावे के साथ शेयर किया गया था।

 

 

  • एक मिनट 5 सेकंड के इस वीडियो के शुरुआती 15 सेकंड एक मशीन दिखाई जाती है।
  • 15 से 22 सेकंड तक दूसरी और 23 सेकंड से वीडियो के अंत तक एक तीसरी मशीन दिखाई देती है।
  • वीडियो के अंत में एडम लिंडक्विस्ट, वॉटरफ्रंट पार्टनरशिप और क्लीनटेक इंफ्रा को क्रेडिट दिया गया है।

 

क्यों फेक

  • वायरल वीडियो में तीन मशीनें दिखाई दे रही हैं। गूगल रिवर्स इमेज टूल की मदद से सर्च करने पर पता चला कि इनमें से दो वीडियो बाल्टीमोर(मैरीलैंड, यूएस) के हैं और एक वीडियो भारत का है।
  • पहली मशीन एक ट्रैश स्किमर बोट है जो 2013 में बाल्टीमोर बंदरगाह पर स्थापित की गई थी। वायरल वीडियो की फुटेज इस ओरिजनल वीडियो से ली गई है। 



 

  • एडम लिंडक्विस्ट के यूट्यूब चैनल पर ये वीडियो 12 अप्रैल 2013 को अपलोड किया गया था।
  • दूसरी मशीन का वीडियो भारत का है, लेकिन ये इजरायल द्वारा तोहफे में दी गई मशीन नहीं है। वीडियो में एक पोस्टर दिखाई देता है, जिसमें लिखा है, "क्लीन गोदावरी कैंपेन।"
  • दरअसल ये मशीन महाराष्ट्र के नासिक में 2015 में हुए कुंभ मेले के बाद गोदावरी नदी की सफाई के लिए लगाई गई थी। वायरल वीडियो की फुटेज इस ओरिजनल वीडियो से ली गई है।


 

  • क्लीनटेक इंफ्रा यूट्यूब चैनल ने 10 नवंबर 2015 को ये वीडियो अपलोड किया है। इसमें 4 मिनट 5 सेकंड पर वायरल वीडियो वाले फुटेज देखे जा सकते हैं।
  • वेबसाइट पर मिले विवरण के अनुसार ये मशीन यूएस से आयात की गई है, इसे एक्वैरियस सिस्टम्स नाम की एक फर्म ने बनाया है। 
  • वहीं वीडियो में दिखाई दे रही तीसरी मशीन 2014 में बाल्टीमोर में स्थापित की गई थी। ये मशीन सौर ऊर्जा से चलती है और एक दिन में 50 हजार पाउंड कचरा साफ कर सकती है।
  • एनबीसी न्यूज के यूट्यूब चैनल पर इस मशीन से जुड़ी एक रिपोर्ट 30 अक्टूबर 2014 को अपलोड की गई थी।


 

  • भारत और इजरायल के बीच 5 जुलाई 2017 को विभिन्न क्षेत्रों में 7 करार हुए थे। इसमें ये भी शामिल था कि इजरायल गंगा की सफाई के लिए भारत की मदद करेगा।
  • लेकिन इजरायल की ओर से गंगा नदी साफ करने की मशीनें प्रदान करने संबंधी कोई भी खबर सामने नहीं आई है।
  • हालांकि जनवरी 2018 में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू 6 दिन की भारत यात्रा पर आए थे। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए गुजरात के बनासकांठा जिले के सुइगाम तालुका में मोबाइल वॉटर डिसैलिनेशन जीप दी थी।
  • ये मशीन पानी के खारेपन को दूर करने में इस्तेमाल की जाती है। मशीन को इस वीडियो में देखा जा सकता है। ये मशीन वायरल वीडियो में दिखाई दे रही मशीनों से जरा भी मेल नहीं खाती है। 

 

 

  • पड़ताल से स्पष्ट है कि वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा फर्जी है, इजरायल ने भारत को खारे पानी के शुद्धिकरण की मशीन दी थी, ना कि नदी से कचरा साफ करने की। 
  • वायरल वीडियो में दिखाई दे रहीं मशीनें बाल्टीमोर (यूएस) और नासिक (महाराष्ट्र) की हैं।
     
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