फैक्ट चेक / तमिलनाडु में कंटेनर में मिली सैकड़ों बच्चों की लाशों का दावा झूठा, असल में तस्वीर सीरिया के कैमिकल अटैक की है



fact check video showing bodies of kids is from syria not tamil nadu
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fact check video showing bodies of kids is from syria not tamil nadu

  • क्या वायरल : तमिलनाडु पुलिस को एक कंटेनर में मृतक बच्चे मिले। इनके शरीर के अंदर से कई अंग गायब हैं
  • क्या सच्चाई : यह फोटो सीरिया में 2013 में हुई घटना का है। तब वहां केमिकल अटैक ने 1400 से ज्यादा निर्दोष लोगों की जान ले ली थी

Dainik Bhaskar

Jul 24, 2019, 03:39 PM IST

फैक्ट चेक डेस्क. सोशल मीडिया पर पिछले लंबे समय से एक फेक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कई मृत बच्चे नजर आ रहे हैं। दैनिक भास्कर डॉटकॉम के एक पाठक ने इस खबर की सत्यता जाननी चाही। पड़ताल में पता चला कि गलत जानकारी के साथ इस वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, जिससे लोग भ्रमित हो रहे हैं। 

 

क्या वायरल

 

वीडियो में यह तस्वीर दिखाई जा रही है।
  • सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल। 
  • इसमें मृतक बच्चों की तस्वीरें दिखाई जा रही हैं। 
  • वीडिया में बताया जा रहा है कि यह बच्चे तमिलनाडु पलिस को एक कंटेनर से मिले हैं। इन बच्चों के जिस्म के अंदर का हिस्सा जैसे किडनी, लीवर निकाले गए हैं। वीडियो में कहा गया है कि तमिलनाडु पुलिस ने बताया कि इन सारे बच्चों को अलग-अलग देशों से किडनैप करके लाया गया है। 
  • वीडियो में नसीहत भी दी जा रही है कि अपने बच्चों को संभालो। उनका ख्याल रखो। अपने सारे ग्रुप में यह फोटो फैलाओ। 

क्या है सच्चाई

  • वीडियो में दिखाई जा रही तस्वीर तमिलनाडु नहीं बल्कि सीरिया की है। 
  • गूगल पर जब हमने रिवर्स इमेज के जरिए इसे सर्च किया तो सीरिया की इस घटना के कई आर्टिकल खुल गए।
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीरिया में 2013 में घोउता केमिकल अटैक में यह बच्चे मारे गए थे। 
यह घटना सीरिया में 2013 में हुई थी।

 

  • जब हमने तमिलनाडु कंटेंनर में बच्चों की मौत से सर्चिंग की तो बैंगलोर मिरर द्वारा प्रकाशित एक आर्टिकल भी मिला जिसमें इस बात की पुष्टि की गई है कि यह तमिलनाडु नहीं बल्कि सीरिया में केमिकल अटैक में मारे गए बच्चों की तस्वीर है। 
कई मीडिया संस्थानों ने इस खबर की सत्यता की पुष्टि की थी।

 

  • घोउता केमिकल अटैक में 1400 बेकसूरों की जान चली गई थी। इसमें 400 से ज्यादा बच्चे थे। 
  • इस फोटो को ह्युमन राइट्स द्वारा भी जारी किया गया था और इसके साथ रासायनिक हथियारों की जानकारी दी गई थी। 
  • फैक्ट चेक करने वाली वेबसाइट snopes ने भी इसकी पुष्टि की है कि यह सीरिया में हुए केमिकल अटैक में मारे गए बच्चों की तस्वीर है। 
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