क्या नासा ने सचमुच बनाई बादल बनााने वाली मशीन जिसका वीडियो अमिताभ ने भी शेयर किया?

3 वर्ष पहले
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  • क्या फेक : नासा ने बारिश के लिए कृत्रिम बादल बनाने वाली मशीन बनाई है, वीडियो वायरल
  • क्या सच : वायरल वीडियो नासा द्वारा किए गए रॉकेट इंजन और रॉकेट बूस्टर के टेस्टिंग वीडियो को जोड़कर बनाया गया है, क्लाउड जनरेटिंग मशीन बनाने का दावा झूठा है

फैक्ट चेक डेस्क.  सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक बड़े आकार की मशीन से बहुत ज्यादा धुआं निकलता दिखाई दे रहा है, जो दिखने में बादल की तरह है। वीडियो में दिख रहा एंकर अंग्रेजी में बता रहा है कि इस धुएं के आसमान में जाने के बाद बारिश होगी। 

 

वीडियो शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिख रही मशीन एक क्लाउड जनरेटर मशीन है, जिसे अमेरिकन स्पेस एजेंसी नासा ने तैयार किया है।

 

यूजर्स वीडियो के साथ कैप्शन में लिख रहे हैं, \"नासा ने तैयार की कृत्रिम बादलों का निर्माण करने वाली मशीन। भारत को इसकी बहुत ज्यादा आवश्यकता है।\"

 

क्या वायरल

  • ट्विटर यूजर जयश्री विजयन ने इस वीडियो को 26 जून को शेयर किया था। जिसे बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने भी रीट्वीट किया है।
  • उन्होंने लिखा, \"क्या एक भारत में भी मिल सकता है। मेरा मतलब है अभी.. इसी वक्त.. प्लीज\"

 

... can we get one in India .. I mean right now .. RIGHT NOW .. PLEASE !!🇮🇳🇮🇳🙏🙏 https://t.co/pTRI8r4VsK

— Amitabh Bachchan (@SrBachchan) June 26, 2019

 

  • बिग बी के रीट्वीट के बाद अन्य यूजर्स ने भी इसे शेयर किया है। 
  • वायरल वीडियो में एंकर बता रहा है कि इस मशीन से निकलने वाला धुआं हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से बना हुआ है। धुएं के आसमान में जाने के बाद इससे बारिश होगी।
  • वीडियो के दो से तीन अलग-अलग वर्जन वायरल है, जिनमें सबकी शुरुआत अलग-अलग है। 15 सेकंड बाद बीबीसी के लोगो वाला फुटेज समान है। 

 

Rain Cloud ☁️Generater engine developed by Nasa. 👇👌🏻 @EishaMeganActon @Norafatehi @IsabeliFontana @DianaPenty @aditiraohydari @Anukriti_Gusain @ananyapandayy @saumyatandon @deepaliranaa @ManushiChhillar pic.twitter.com/6QAdEfyod3

— RITESH KRIPALANI (@ritesh_star) June 26, 2019

 

क्यों फेक

  • वायरल वीडियों में दिखाई दे रही बीबीसी के लोगो वाली फुटेज इसी चैनल पर आने वाले प्रोग्राम टॉप गियर की है।
  • वीडियो में दिखाई दे रहे एंकर मशहूर पत्रकार और लेखक जेरेमी क्लार्कसन है। उन्होंने 2002 से लेकर 2015 तक बीबीसी चैनल पर आने वाले कार्यक्रम टॉप गियर को होस्ट किया है। 
  • नासा ने कृत्रिम बादल निर्माण करने वाली कोई मशीन नहीं बनाई है। वायरल वीडियो नासा के स्टेनिस स्पेस सेंटर, मिसिसिप्पी में टेस्ट किए गए दो अलग-अलग टेस्टिंग वीडियो को जोड़कर बनाया गया है।

 

  • नासा ने अक्टूबर 2017 में मिसिसिप्पी के स्टेनिस स्पेस सेंटर में रॉकेट RS-25 के इंजन का परीक्षण किया था।
  • डेली मेल ऑनलाइन ने 20 अक्टूबर 2017 को इस टेस्टिंग की खबर पब्लिश की है। इस खबर में वायरल वीडियो के एक शॉट की तस्वीर देखी जा सकती है।

 

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  • नासा के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर 20 अक्टूबर 2017 को इस टेस्टिंग का वीडियो अपलोड किया गया है।
  • वीडियो में 16 और 42 सेकंड पर वायरल वीडियो में दिख रहे फुटेज देखे जा सकते हैं।

 

 

  • वायरल वीडियो का दूसरा हिस्सा टॉप गियर शो के एक एपिसोड से लिया गया है।
  • इस एपिसोड में जेरेमी क्लार्कसन मिसिसिप्पी के स्टेनिस स्पेस सेंटर में स्पेस शटल रॉकेट बूस्टर की टेस्टिंग के बारे में बताते हैं।  
  • टॉप गियर के यूट्यूब चैनल पर 29 अक्टूबर 2010 को इसका वीडियो शेयर किया गया है।

 

 

  • वीडियो में 1 मिनट 40 सेकंड के बाद वायरल वीडियो वाले फुटेज देखे जा सकते हैं।
  • इस वीडियो में क्लार्कसन बताते हैं कि इंजन की टेस्टिंग से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन मिश्रित धुआं निकलता है, यह असल में पानी की भाप है, जो हल्की होकर आसमान में चली जाती है।
  • भाप के इन बादलों से टेस्टिंग के बाद बारिश होने की संभावना होती है। 

 

  • पड़ताल से स्पष्ट है कि वायरल वीडियो नासा द्वारा 2017 में रॉकेट RS-25 के इंजन की टेस्टिंग और 2010 में स्पेस शटल रॉकेट बूस्टर की टेस्टिंग के वीडियोज को जोड़कर बनाया गया है। नासा द्वारा बारिश के लिए कृत्रिम बादल बनाने वाले इंजन के निर्माण का दावा फर्जी है। 

 

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