फिर से वायरल हुआ जशोदाबेन मोदी का फेक फोटो, आरटीआई एप्लीकेशन को एडिट कर लिखा- मेरे पति मेरे नहीं हो सके

2 वर्ष पहले
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  • क्या वायरल: जशोदाबेन मोदी ने कहा- मेरे पति मेरे नहीं हो सकते तो देश के कैसे हो सकेंगे
  • क्या सच: जशोदाबेन साल 2015 में आरटीआई एप्लीकेशन दायर करने पहुंची थीं

फैक्ट चेक डेस्क. इंस्टेट मैसेजिंग एप व्हाट्सएप पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जशोदाबेन मोदी का एक फोटो वायरल किया जा रहा है। वायरल फोटो में जशोदाबेन एक लेटर पकड़े हुए हैं, जिसमें वे पीएम से सवाल कर रहीं हैं। दैनिक भास्कर के एक पाठक ने हमें सच्चाई पता करने के लिए यह तस्वीर भेजी।

क्या है वायरल
वायरल फोटो में जशोदाबेन एक पेपर हाथ पकड़ी हुई हैं, जिसपर लिखा है जब मेरे पति मेरे नहीं हो सके तो आपके या देश वासियों के कैसे हो सकेंगे क्या यही है महिला सशक्तिकरण…?

क्या है सच्चाई
दैनिक भास्कर पड़ताल में फोटो गलत साबित हुआ है। जब हमने कीवर्ड्स के जरिए गूगल पर सर्च किया तो वास्तविक फोटो मिली। दरअसल यह फोटो पांच साल पुरानी है। साल 2015 के जनवरी माह में जशोदाबेन ने अपनी सुरक्षा के संबंध में दूसरी बार आरटीआई दायर की थी।

निष्कर्ष: वायरल हो रहा पीएम नरेंद्र मोदी की पत्नी जशोदाबेन का फोटो फर्जी है।

शाहीन बाग प्रदर्शन में पहुंची थीं जशोदाबेन
इससे पहले भी जशोदाबेन का एक और फोटो फर्जी दावे के साथ वायरल हो चुका है। सोशल मीडिया पर शेयर हुई एक पोस्ट में बताया जा रहा था कि जशोदाबेन मोदी नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शाहीन बाग में जारी प्रदर्शन में पहुंची थीं। हालांकि दैनिक भास्कर की पड़ताल में पता चला था कि यह फोटो शाहीन बाग की नहीं मुंबई की है। 

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