- जेएनयू में हुई हिंसा के बाद से ही सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी कई फेक खबरें वायरल की जा रही हैं, जानिए तीन वायरल दावों की सच्चाई
Dainik Bhaskar
Jan 08, 2020, 06:09 PM ISTफैक्ट चेक डेस्क. देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज में शुमार जेएनयू लगातार चर्चा में है। रविवार को यहां छात्र-छात्राओं पर नकाबपोश बदमाशों ने हमला किया। जिसमें प्रदर्शन कर रहे कई स्टूडेंट्स घायल हो गए। इस घटना के बाद से ही सोशल मीडिया पर जेएनयू ट्रेंड करने लगा। जेएनयू से जुड़ी कई फेक खबरें भी वायरल की जाने लगीं। हम लगातार ऐसी फेक खबरों का पर्दाफाश कर रहे हैं। इस स्टोरी में पढ़िए जेएनयू के नाम से फैलाए गए तीन झूठ और उनका सच।
#1. आपत्तिजनक सामग्री को बताया जेएनयू का
सोशल मीडिया ने आपत्तिजनक सामग्री (सेक्स टॉयज और कॉन्डम ) की फोटोज जेएनयू का बताकर वायरल कीं। दावा किया गया कि, यह सामग्री जेएनयू के गर्ल्स होस्टल से मिली है। हमने जब पड़ताल की तो यह दावा झूठा निकला। जिन फोटोज को वायरल किया जा रहा है, वे सालों से इंटरनेट पर मौजूद हैं और इनका जेएनयू से कोई संबंध नहीं निकला। दैनिक भास्कर पड़ताल की पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ी जा सकती है।
#2. लड़कियों के अपशब्दों वाले वीडियो को बताया जेएनूय का
छात्राओं के प्रदर्शन वाले एक वीडियो को वायरल किया गया। इसमें छात्राएं अपशब्द (गाली-गलौच) करते नजर आ रही हैं। दावा किया गया कि, यह वीडियो जेएनयू का है। इस वीडियो को शेयर करते हुए जेएनयू को बंद करने की अपील भी कर दी गई। पड़ताल में पता चला कि, वायरल वीडियो जेएनयू नहीं बल्कि जमशेदपुर के एक्सएलआरआई का है। यह 2008 से ही इंटरनेट पर मौजूद है। इस पड़ताल की पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ी जा सकती है।
#3. कन्हैया कुमार की महिला के साथ फोटो वायरल की
जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की एक महिला के साथ फोटो वायरल की गई। इस फोटो में महिला कन्हैया की गोद में बैठी नजर आ रही है। सोशल मीडिया ने महिला को जेएनयू की शिक्षिका बताया। पड़ताल में पता चला कि यह महिला जेएनयू की शिक्षिका नहीं बल्कि कन्हैया कुमार की दोस्त हैं। 2016 में भी यह खबर वायरल हुई थी, तब कई मीडिया संस्थानों ने इसका सच बताया था। यहां दैनिक भास्कर की पूरी पड़ताल पढ़ी जा सकती है।
