फेक न्यूज एक्सपोज:कांवड़ियो से झड़प में मुजफ्फरनगर के फौजी की हुई मौत? जानिए इस वायरल VIDEO का सच

19 दिन पहले
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क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि डीजे पर चढ़े एक युवक को कई लात घुसों से पीट रहे हैं। वहीं, सड़क पर खड़े कुछ लोग भी उस युवक को डंडे मार रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो रुड़की के मंगलौर इलाके का है। जहां कांवड़ियों के बीच झगड़ा हो गया।

इस दौरान सिसौली के कांवड़िए और सेना के जवान कार्तिक बालियान की मौत हो गई। कार्तिक को यूपी और हरियाणा के कांवड़ियों ने डंडों से पीटकर मार दिया।

और सच क्या है?

  • वायरल वीडियो का सच जानने के लिए हमने इसके की-फ्रेम को गूगल पर रिवर्स सर्च किया। सर्च रिजल्ट में हमें ये वीडियो भास्कर के ही संवाददाता अवधेश अकोड़िया के पोस्ट में जानकारी के साथ मिली।
  • अवधेश बुधवार को वीडियो शेयर कर लिखा- मेरठ के खरखौदा में कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे कॉम्पीटिशन में विवाद। एक युवक की बेरहमी से पिटाई।
  • पड़ताल के दौरान भास्कर संवाददाता ने मेरठ के खरखौदा थाना के सीओ अमित कुमार राय से संपर्क किया।
  • उन्होंने बताया कि 25 जुलाई की ये घटना मेरठ-बुलंदशहर हाइवे के हापुड़ रोड की है। जहां कांवड़ियों के दो गुटों में टकराव हो गया था। वहीं, वीडियो में दिख रहा पीड़ित बुलंद शहर का रहने वाला है और मारपीट कर रहे युवक हापुड़ जिले के थे।
  • अमित कुमार ने आगे बताया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कंप्लेंट या एफआईआर करने से मना कर दिया था। इसके बाद पक्षों को समझा कर भेज दिया गया।
  • बता दें, 26 जुलाई को हरिद्वार से डाक कांवड़ लेकर लौट रहे मुजफ्फरनगर के कार्तिक बालियान की सिर पर डंडा लगने से मौत हो गई थी। दरअसल, मंगलवार की सुबह कार्तिक हरिद्वार से अपने साथियों के साथ डाक कांवड़ लेकर लौट रहा था।
  • इस दौरान आगे निकलने को लेकर कार्तिक का हरियाणा के कांवड़ियों के साथ झगड़ा हो गया। इसके बाद दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे और चाकू चले। इस झगड़े में कार्तिक गंभीर रूप से घायल हो गया और इलाज के लिए अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
  • इस मामले से जुड़ी पूरी खबर 5 दिन पहले भास्कर ने अपनी वेबसाइट पर पब्लिश की थी।
  • साफ है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। ये वीडियो कांवड़ लेने पहुंचे मुजफ्फरनगर के कार्तिक बालियान की मौत का नहीं है।