फैक्ट चेक / सही है वायरल दावा - पत्नी अगर मां-बाप से दूर करे तो पति ले सकता है तलाक, लेकिन 3 साल पुराना है सुप्रीम कोर्ट का फैसला



Divorce: No Fake News Udpates On Social Media Viral Talaq Over Divorce
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Divorce: No Fake News Udpates On Social Media Viral Talaq Over Divorce

  • क्या वायरल : एक मैसेज वायरल हो रहा है। इसमें लिखा है कि, सु्प्रीम कोर्ट का हार्दिक फैसला, अगर पत्नी सास-ससुर से अलग रहने की जिद करे तो पति दे सकता है तलाक, अपने माता पिता के लिए एक शेयर प्लीज
  • क्या सच : सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2016 में यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा था कि, पत्नी यदि पति को मां-बाप से दूर करती है तो इसे क्रूरता माना जाएगा और यह तलाक का आधार हो सकता है

Dainik Bhaskar

Nov 06, 2019, 12:47 PM IST

फैक्ट चेक डेस्क. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें लिखा है कि 'सु्प्रीम कोर्ट का हार्दिक फैसला, अगर पत्नी सास-ससुर से अलग रहने की जिद करे तो पति दे सकता है तलाक, अपने माता पिता के लिए एक शेयर प्लीज'। दैनिक भास्कर मोबाइल ऐप के एक पाठक ने हमें यह वायरल पोस्ट पुष्टि के लिए भेजी। पड़ताल में पता चला कि वायरल पोस्ट में लिखी गई बात सही है लेकिन यह फैसला आज का नहीं बल्कि 2016 का है। जानिए पूरी हकीकत। 

 

क्या वायरल

  • इस मैसेज को लंबे समय से सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जा रहा है। 
सोश्ल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है ये इमेज।

 

सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज। यह मैसेज काफी लंबे समय से वायरल किया जा रहा है।

 

क्या है हकीकत

  • वायरल दावे की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर कीवर्ड्स के जरिए सर्चिंग की तो हमें दैनिक भास्कर, द हिंदू सहित तमाम नामी मीडिया ब्रांड्स की न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं। जो इस बात की पुष्टि करती हैं कि वायरल की जा रही जानकारी सही है। 
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट।

 

  • दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने तलाक के एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा था कि, यदि कोई पत्नी, पति को माता-पिता और परिवार से अलग करने के लिए मजबूर करती है, तो यह 'क्रूअल्टी' (क्रूरता) मानी जाएगी। वो भी सिर्फ इसलिए कि वह पति की इनकम से एंजॉय करना चाहती है। इस आधार पर हिन्दू पति, पत्नी को तलाक दे सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसले को पलट दिया था। 
  • पड़ताल में हमें 7 अक्टूबर 2016 को प्रकाशित द हिंदू की रिपोर्ट भी मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदु पति को यदि पत्नी उसके बुजुर्ग माता-पिता से दूर करने की कोशिश करती है तो इसे क्रूरता माना जाएगा और इस आधार पर पति पत्नी से तलाक ले सकता है। जस्टिस अनिल आर दवे और एल नागेश्वर राव की पीठ ने कहा था कि, पत्नी शादी के बाद पति के परिवार का हिस्सा होती है। वो सिर्फ इसलिए पति से मां-बाप को अलग नहीं कर सकती कि, वो पति की आय को अकेले उपभोग करना चाहती है। 
द हिंदू की रिपोर्ट।

 

  • इस खबर की पुष्टि के लिए हमने मप्र हाईकोर्ट के अधिवक्ता संजय मेहरा से बात की। उन्होंने बताया कि, पत्नी यदि पति को मां-बाप से दूर करे तो यह तलाक का आधार होता है। कई तलाक इस आधार पर हो रहे हैं। पत्नी पति को मां-बाप से दूर रहने को मजबूर नहीं कर सकती।
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