फैक्ट चेक / झूठा है कोरोनावायरस का सिर्फ 12 घंटे तक जिंदा रहने का दावा, अध्ययन में सामने आईं अलग-अलग बातें

No Fake News On Coronavirus Can Not Survive On Surfaces For More Than 12 Hours
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No Fake News On Coronavirus Can Not Survive On Surfaces For More Than 12 Hours

  • क्या वायरल : एक मैसेज वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया गया है कि, कोरोनावायरस 12 घंटे तक ही जिंदा रह सकता है। इसलिए 14 घंटे का जनता कर्फ्यू किया गया। ताकि इसकी चैन तोड़ी जा सके
  • क्या सच : 3 घंटे से लेकर 9 दिनों तक इसके जिंदा रहने का अध्ययन सामने आया है, हालांकि अभी तक कोई भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है

दैनिक भास्कर

Mar 23, 2020, 05:54 PM IST

फैक्ट चेक डेस्क. प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद 22 मार्च को देश में 14 घंटे का जनता कर्फ्यू हुआ। इसका मकसद कोरोनावायरस को रोकना था। पीएम की अपील पर लोगों ने शाम 5 बजे शंख, घंटी, थाली भी बजाई ताकि कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे लोगों को प्रोत्साहन मिले। इसी बीच सोशल मीडिया में दावा किया गया कि, 14 घंटे का जनता कर्फ्यू इसलिए किया गया क्योंकि कोरोनावायरस का जीवनकाल 12 घंटे का ही होता है। जानिए इस वायरल दावे का सच। 

क्या वायरल

  • वॉट्सऐप पर वायरल हो रहे इस मैसेज में लिखा है कि 'एक स्थान पर कोरोनवायरस का जीवनकाल 12 घंटे का है और जनता कर्फ्यू 14 घंटे के लिए होगा, इसलिए सार्वजनिक क्षेत्रों के स्थान जहां कोरोना फैल सकता था, उन स्थानों पर कोई नहीं होगा, जिससे श्रृंखला टूट जाएगी'। 14 घंटे के बाद हमें जो मिलेगा, वह एक सुरक्षित देश होगा। 
  • ट्विटर पर भी कई यूजर्स ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि, भारत जैसे बड़े देश के लिए 14 से 24 घंटे की सोशल डिस्टेंशिंग करना सबसे सही उपाय है। कोरोनावायरस जमीन पर सिर्फ 12 घंटे जिंदा रह सकता है। जनता कर्फ्यू सही समय पर उठाया गया कदम है। 

क्या है सच्चाई

  • हमारी पड़ताल में पता चला कि, कोरोनावायरस के महज 12 घंटे जिंदा रहने का दावा झूठा है। 
  • वर्ल्ड हेल्थ ओर्गनाइजेशन के मुताबिक, अध्ययन यह बताते हैं कि कोरोनावायरस सरफेस पर कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक रह सकता है। कितने दिनों तक जिंदा रहेगा, यह अलग-अलग परिस्थितियों पर निर्भर करता है, जैसे सरफेस कैसी है, टेम्प्रेचर कितना है, एन्वायरमेंट कैसा है आदि। 
  • 17 मार्च को प्रकाशित न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन के अध्ययन के मुताबिक, वायरस हवा में हवा में तीन घंटे तक रह सकता है और दूसरे सरफेस पर 24 घंटे तक रह सकता है। प्लास्टिक और मेटल सरफेस पर दो से तीन दिन तक रह सकता है। 
  • दि जर्नल ऑफ हॉस्पिटल इंफेक्शन के अध्ययन के मुताबिक भी मेटल, ग्लास और प्लास्टिक पर कोरोनावायरस 9 दिनों तक रह सकता है। 
  • कोरोनावायरस के जीवनकाल को लेकर अभी तक कोई भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पड़ताल से स्पष्ट होता है कि सरफेस पर कोरोनावायरस का 12 घंटे तक जिंदा रहने का दावा झूठा है।

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