फैक्ट चेक / हैदराबाद एनकाउंटर के नाम से सोशल मीडिया में वायरल तस्वीरों की सच्चाई

No Fake News On Hyderabad Encounter Viral Images
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No Fake News On Hyderabad Encounter Viral Images

  • क्या वायरल : कुछ फोटोज वायरल हो रही हैं। इसमें जमीन पर शव पड़े हैं आसपास पुलिसकर्मी नजर आ रहे हैं। इन्हें हैदराबाद एनकाउंटर का बताया जा रहा है
  • क्या सच : वायरल फोटोज 2015 में आंध्रप्रदेश पुलिस द्वारा किए एनकाउंटर के हैं

Dainik Bhaskar

Dec 07, 2019, 04:00 PM IST

फैक्ट चेक डेस्क. सोशल मीडिया में हैदराबाद एनकाउंटर के नाम से कई पुरानी फोटोज वायरल की जा रही हैं। कई न्यूज चैनलों ने भी इन फोटोज को हैदराबाद एनकाउंटर का बता दिया है। जानिए वायरल फोटोज की सच्चाई। 

क्या वायरल

  • वायरल फोटोज में कुछ लोगों के शव पड़े हैं, और पुलिसकर्मी उन्हें देखते नजर आ रहे हैं। 
  • इन फोटोज के साथ तेलंगाना पुलिस को बधाई दी जा रही है साथ ही इन्हें हैदराबाद एनकाउंटर का बताया जा रहा है। 
  • साइबराबाद पुलिस के एनकाउंटर करने की जानकारी देने के बाद से ही सोशल मीडिया में ये फोटोज छाई हुई हैं। 
  • कई यूजर्स ने इन्हें ट्वीट किया है। इसमें कुछ राजनीति से जुड़े लोग भी शामिल हैं। 

क्या है सच्चाई

  • गूगल पर इन फोटोज को रिवर्स सर्च करने पर हमें पता चला कि यह फोटो हैदराबाद एनकाउंटर के नहीं हैं, बल्कि 2015 में 20 लकड़हारों के एनकाउंटर के हैं। 
  • 2015 में आंध्रप्रदेश पुलिस ने 20 लकड़हारों का एनकाउंटर किया था। ये लोग लकड़ी के गोरखधंधे में लिप्त थे। 
  • द हिंदू में अप्रैल 2015 में प्रकाशित रिपोर्ट में इन फोटोज को देखा जा सकता है। एनकाउंटर में मारे गए सभी लकड़हारे तमिलनाडु के थे। 

निष्कर्ष : पड़ताल से स्पष्ट होता है कि सोशल मीडिया में जो फोटो वायरल किए जा रहे हैं, वो हैदराबाद एनकाउंटर के नहीं बल्कि 2015 में 20 लकड़कारों के एनकाउंटर के हैं। 

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