- क्या वायरल : लड़कियों का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वे अपशब्दों-गाली का प्रयोग करते विरोध करती नजर आ रही हैं। इसे जेएनयू का बताया जा रहा है
- क्या सच : वास्तव में वीडियो जमशेदपुर के एक्सएलआरआई का है। यह 2008 से ही इंटरनेट पर उपलब्ध है
Dainik Bhaskar
Jan 07, 2020, 06:15 PM ISTफैक्ट चेक डेस्क. कई यूनिवर्सिटीज के स्टूडेंट्स जेएनयू में हुई हिंसा के विरोध में सड़कों पर हैं। जेएनयू लगातार सोशल मीडिया पर ट्रेंड में है। इसी बीच लड़कियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में लड़कियां अपशब्दों का प्रयोग करते हुए नजर आ रही हैं। गालियां दे रही हैं। दावा है कि, यह जेएनयू की लड़कियां हैं। इस वीडियो को शेयर करते हुए जेएनयू को बंद करने की अपील की जा रही है। एक पाठक ने हमें यह वायरल वीडियो पुष्टि के लिए भेजा। पड़ताल में वायरल दावा झूठा निकला।
क्या वायरल
- एक पाठक ने हमें यह वीडियो भेजा। इसके साथ लिखा गया है कि, कैंपस में विरोध के दौरान बहुत ही गंदी भाषा गर्ल्स स्टूडेंट्स द्वारा इस्तेमाल की गई और हम जेएनयू में इनकी पढ़ाई को सब्सिडी देने के लिए कर का भुगतान करते हैं। जेएनयू नामक यह संस्थान जल्द से जल्द बंद होने का हकदार है।
क्या है सच्चाई
- गूगल रिवर्स सर्चिंग में हमें पता चला कि वायरल तस्वीर जेएनयू की नहीं बल्कि जमशेदपुर के एक्सएलआरआई की है।
- यह वीडियो 2008 से ही इंटरनेट पर मौजूद है। 2011 और 2016 में भी इसे अपलोड किया जा चुका है।
- फेसबुक पर इस वीडियो को दिसंबर 2019 में भी जेएनयू का बताकर काफी वायरल किया गया था।
निष्कर्ष : 2008 से इंटरनेट पर मौजूद जमशेदपुर के एक्सएलआरआई के वीडियो को जेएनयू के नाम से वायरल किया जा रहा है।
