फैक्ट चेक / इटली में सड़कों पर नहीं पड़ी लाशें, 6 साल पुरानी फ्रैंकफर्ट प्रदर्शन की तस्वीर को कोरोना से जोड़कर वायरल किया

No Fake News On Photo Of People Who Died From The Coronavirus In Italy
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No Fake News On Photo Of People Who Died From The Coronavirus In Italy

  • क्या वायरल : एक तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें जमीन पर कई लोग पड़े नजर आ रहे हैं। दावा है कि, यह इटली की तस्वीर है, जहां कोरोनवायरस के चलते इन लोगों की जान गई
  • क्या सच : वायरल तस्वीर 2014 में फ्रेंकफर्ट में हुए एक आर्ट प्रोजेक्ट की है

दैनिक भास्कर

Mar 24, 2020, 02:57 PM IST

फैक्ट चेक डेस्क. सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। जिसमें जमीन पर सैकड़ों लोग पड़े दिख रहे हैं। दावा है कि, यह इटली की फोटो है, जहां कोरोनावायरस के चलते इन लोगों का ऐसा हाल हुआ। हमारी पड़ताल में वायरल दावा झूठा निकला। कुछ समय पहले इसी फोटो को चीन के नाम से भी वायरल किया जा चुका है। 

क्या वायरल

  • फोटो को शेयर करते हुए यूजर्स लिख रहे हैं कि, 'दोस्तों इटली का ये हाल है। भाईयों अपनी सावधानी रखो। इन्हें कोई उठाने वाला भी नहीं मिल रहा है'। 
  • इस स्टोरी को पहले चीन के नाम से भी वायरल किया जा चुका है। तब इसे चीन की सैटेलाइट फोटो बताया गया था। 

क्या है सच्चाई

  • यह फोटो 2014 की है। फ्रेंकफर्ट के हिरासत केंद्र में रहे नाजी के काट्जबैक पीड़ितों को याद करते हुए यह आर्ट प्रोजेक्ट किया गया था। 
  • गूगल रिवर्स इमेज सर्चिंग में हमें यह तस्वीर मिल गई, जिसे 24 मार्च 2014 को रॉयटर्स ने प्रकाशित किया था। 
  • इस फोटो में दिए कैप्शन में लिखा था कि, 24 मार्च 2014 को फ्रेंकफर्ट में नाजी हिरासत केंद्र के 528 पीड़ितों की याद में एक आर्ट प्रोजेक्ट में हिस्सा लेते
  • हुए लोग जमीन पर लेट गए। 24 मार्च 1945 को बुचेनवाल्ड और डचाऊ के हिरासत केंद्रों में काटजबेक हिरासत केंद्र के कैदियों को मौत के घाट उतारने के लिए मजबूर किया गया था। करीब 528 पीड़ितों को फ्रेंकफर्ट के केंद्रीय कब्रिस्तान में दफनाया गया है।

निष्कर्ष : पड़ताल से स्पष्ट होता है कि 2014 की फोटो को कोरोनावायरस का बताकर वायरल किया गया है।

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