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फैक्ट चेक / हरा नहीं हुआ शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' का मास्टहेड, फर्जी है सोशल मीडिया में वायरल इमेज

No Fake News On Shiv Sena Mouthpiece Saamana Changed Masthead हरा नहीं हुआ शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' का मास्टहेड, फर्जी है सोशल मीडिया में वायरल इमेज
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No Fake News On Shiv Sena Mouthpiece Saamana Changed Masthead हरा नहीं हुआ शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' का मास्टहेड, फर्जी है सोशल मीडिया में वायरल इमेज

  • क्या वायरल : दो फोटोज का एक कोलाज वायरल हो रहा है। दावा है कि, कांग्रेस और एनसीपी से हाथ मिलाने के बाद शिवसेना के मुखपत्र सामना का मास्टहेड भी हरे रंग का हो गया है और अखबार अब सेक्युलर हो गया है
  • क्या सच : न ही शिवसेना का मास्टहेड बदला है और न ही टैगलाइन। सोशल मीडिया में वायरल इमेज छेड़खानी कर तैयार की गई है

Dainik Bhaskar

Dec 05, 2019, 04:00 PM IST

फैक्ट चेक डेस्क. महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने साथ मिलकर सरकार बनाई है। शिवेसना के कांग्रेस और एनसीपी के साथ हाथ मिलाने के बाद से ही सोशल मीडिया पर शिवसेना को लेकर कई तरह की फर्जी खबरें वायरल की जा रही है। अब ऐसा ही दो फोटो का एक कोलाज शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' को लेकर वायरल हो रहा है। इस कोलाज में 'सामना' का मास्टहेड (मत्था) केसरिया की जगह हरे रंग का दिखाया गया है। जानिए इस वायरल मैसेज की सच्चाई।

क्या वायरल

  • कई यूजर्स सोशल मीडिया पर इस कोलाज को शेयर कर रहे हैं। 

  • इसमें सामना की टैगलाइन भी बदल दी गई है। साथ ही सोनिया गांधी को संस्थापक संपादक बताया गया है। 
  • एक यूजर ने इस कोलाज को शेयर करते हुए लिखा कि 'कांग्रेस, एनसीसी के सपोर्ट के बाद सामना अब सेक्युलर हो चुका है...भगवा से हरा रंग'। यूजर ने इसे 22 नवंबर को प्रकाशित हुआ सामना का अंक बताया है। 

क्या है सच्चाई

  • सामना का ई-पेपर देखने पर पता चला कि न ही अखबार का मास्टहेड बदला है न ही इसका रंग। 
  • सामना का मास्टहेड अब भी भगवा रंग का ही है और टैगलाइन भी पहले वाली ही है। अखबार के 28 नवंबर और 18 नवंबर के एडिशन देखकर पता चलता है कि सोशल मीडिया में वायरल इमेज छेड़खानी कर तैयार की गई है। 
  • सामना बालासाहब ठाकरे द्वारा 1988 में शुरू किया गया था। 
  • पड़ताल से स्पष्ट होता है कि सामना का मास्टहेड और टैगलाइन नहीं बदली हैं। सोशल मीडिया का दावा झूठा है। 
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