फैक्ट चेक / दावा: श्रीलंका के मुस्लिम डॉक्टर ने 4 हजार बौद्ध-हिंदू महिलाओं की गुपचुप नसबंदी की, पड़ताल में झूठ निकली बात

No Fake News On Sri Lankan Muslim Surgeon Performed Secretly Sterilized Four Thousand Women
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No Fake News On Sri Lankan Muslim Surgeon Performed Secretly Sterilized Four Thousand Women

  • क्या वायरल : एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें दावा किया गया है कि, श्रीलंका के एक डॉक्टर मोहम्मद शफी ने लगभग 4 हजार बौद्ध व हिंदू महिलाओं का सीजेरियन ऑपरेशन करने के दौरान गुप्त रूप से गर्भाशय निकाल लिया, ताकि वे दोबारा मां न बन सकें
  • क्या सच : श्रीलंका ने एक स्थानीय अखबार ने इस खबर को प्रकाशित किया था, इसके बाद यह दुनियाभर में वायरल हो गई, हालांकि बाद में सीआईडी ने अपनी जांच में आरोपों को निराधार बताया

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2020, 04:33 PM IST

फैक्ट चेक डेस्क. सोशल मीडिया में एक पोस्ट वायरल की जा रही है। इसमें एक व्यक्ति को दो पुलिसकर्मियों ने पकड़ा हुआ है। इस पोस्ट के साथ लिखा है कि, 'ये है श्रीलंका का डॉक्टर मोहम्मद शफी, इसने लगभग 4 हजार बौद्ध व हिंदू महिलाओं का सीजेरियन ऑपरेशन करने के लिए दौरान गुप्त रूप से उनका गर्भाशय निकाल लिया, ताकि वे दोबारा मां न बन सकें'। एक पाठक ने हमें यह वायरल पोस्ट सत्यता की पुष्टि के लिए भेजी। जांच में पूरा सच सामने आया। 

क्या वायर

इस पोस्ट को काफी शेयर किया जा रहा है। 
  • यह पोस्ट मई 2019 से ही सोशल मीडिया पर वायरल है। 

क्या है सच्चाई

  • पड़ताल के दौरान पता चला कि अप्रैल 2019 में ईस्टर संडे के मौके पर श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद श्रीलंका के लीडिंग न्यूजपेपर में से एक 'दिवाइना' ने एक रिपोर्ट छापी थी। 
  • इसमें दावा किया गया था कि, आतंकी समूह से ताल्लुक रखने वाले एक मुस्लिम सर्जन ने 4 हजार सिंहल बौद्ध महिलाओं का बिना उनकी इच्छा के गुप्त रूप से नसबंद कर दी। 
  • अखबार द्वारा इस स्टोरी को प्रकाशित करने के बाद श्रीलंका में लोकल मीडिया में यह स्टोरी बड़ा मुद्दा बन गई और तमाम न्यूज चैनलों ने इसे ऑन एयर कर दिया। इस के बाद से ही सोशल मीडिया पर भी यह काफी वायरल होना शुरू हो गई। 
  • हालांकि बाद में श्रीलंका के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट की ने अपनी जांच में पाया कि डॉक्टर पर लगाए गए आरोप निराधार हैं और गुप्त रूप से किसी महिला की नसबंदी नहीं की गई। श्रीलंका की किसी भी एजेंसी ने डॉक्टर के आतंकी समूह से ताल्लुक होने की बात भी नहीं कही और इस दावे को खारिज किया। 

कैसे पता चला सच

  • पड़ताल के दौरान हमें इंटरनेशनल फैक्ट चेकिंग वेबसाइट एएफपी की रिपोर्ट मिली। 
  • एएफपी ने श्रीलंका के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) द्वारा की गई जांच के हवाल से लिखा है कि, सीआईडी ने कोर्ट को बताया कि सेगु शिहाबदीन मोहम्मद शफी ने कोई नसबंदी नहीं की थी। 
  • शफी को 24 मई 2019 को श्रीलंकाई आतंकवाद कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था। हालांकि सीआईडी ने उसके खिलाफ कोई ऐसा प्रमाण नहीं पाया जो यह साबित करता हो कि उसका आतंकवाद या नसबंदी से कोई संबंध है। एजेंसी ने उसे रिहा करने की अपील भी की। 
  • एएफपी ने सीआईडी के डॉक्युमेंट्स भी अपलोड किए हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं। सीआईडी ने स्थानीय समाचार पत्र 'दिवाइना' की रिपोर्ट को भी निराधार बताया था। 
श्रीलंका की सीआईडी द्वारा कोर्ट में सबमिट किए गए डॉक्युमेंट्स का स्क्रीनशॉट। 
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