फैक्ट चेक / पुलिसकर्मियों की बर्बरता वाला वीडियो 2017 का है, इसका ट्रैफिक नियमों से कोई लेनादेना नहीं



No Fake News, Viral Video Of Police Excess Is Not Related To Traffic Checking
X
No Fake News, Viral Video Of Police Excess Is Not Related To Traffic Checking

  • क्या वायरल : पुलिसकर्मियों की बर्बरता का वीडियो। दावा किया जा रहा है कि नए नियम लागू होने के बाद पुलिस ने ट्रैफिक नियम तोड़ने पर युवक की पूरी तरह से पिटाई की
  • क्या सच : वायरल वीडियो 2017 का है। तब शांतिभंग के आरोप में एक युवक को यूपी पुलिस ने बुरी तरह से पीटा था

Dainik Bhaskar

Sep 25, 2019, 12:40 PM IST

फैक्ट चेक डेस्क. संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट के प्रभाव में आने के बाद से ही सोशल मीडिया में पुलिस से जुड़े कई वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि, ट्रैफिक जांच के नाम पर पुलिस अत्याचार कर रही है। ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों वायरल हो रहा है। इसमें पुलिसकर्मी पुलिस स्टेशन के सामने ही एक व्यक्ति को पीटते, घसीटते नजर आ रहे हैं। दावा है कि यह उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का मामला है और ट्रैफिक जांच के नाम पर पुलिस ने व्यक्ति को इस तरह पीटा। एक पाठक ने वीडियो पुष्टि के लिए हमारे पास भेजा। पड़ताल में इसकी पूरी हकीकत सामने आई। 

 

क्या वायरल

  • AjabGajab नाम के फेसबुक पेज पर इस वीडियो को 14 सितंबर 2019 को पोस्ट किया गया। 
फेसबुक पर वायरल खबर।

 

  • इसके साथ दावा किया गया कि, 'आज शनिवार को गौर थाना की पुलिस ने वाहन चेकिंग के नाम पर मचाया आतंक घसीट घसीट कर वाहन मालिक को मारा गया आज 14 तारीख है बस्ती जिले के गौर थाने की पुलिस इन लोगों इन लोगों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए'।
  • इस खबर के लिखे जाने तक इस वीडियो को 5 लाख 7 हजार बार देखा जा चुका था। 9 हजार से ज्यादा लोग शेयर कर चुके थे। 
  • फेसबुक के साथ ही ट्विटर पर भी इसे शेयर किया जा रहा है। 
  • वीडियो में पुलिसकर्मी एक व्यक्ति को पीटते और घसीटते हुए नजर आ रहे हैं। बैकग्राउंड में महिला की आवाज भी सुनी जा सकती है। 

क्या है सच्चाई

  • कीवर्ड्स सर्चिंग करने पर हमे समाचार प्लस में 14 नवंबर 2017 को प्रसारित एक वीडियो मिला। 
  • इसमें लिखा था 'पुलिस का खौफनाक चेहरा : बस्ती में पुलिस ने की शख्स की पिटाई'।
  • इस न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला 14 नवंबर 2017 का है। शांति भंग करने के आरोप में गौर पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों ने शख्स को पीटा था। 
  • टाइम्स ऑफ इंडिया, पत्रिका आदि मीडिया संस्थानों ने भी इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। 
  • इस वीडियो के वायरल होने के बाद बस्ती पुलिस द्वारा ट्विटर पर भी यह स्पष्ट किया गया था कि यह मामला 2017 का है।  इस वीडियो का पुलिस चेकिंग से कोई लेनादेना नहीं है। 

 

  • हालांकि पुलिस की इस बर्बरता की 2017 में भी काफी निंदा हुई थी लेकिन अभी वायरल किए जा रहे वीडियो का दावा गलत है। 
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना