फैक्ट चेक / भ्रामक है कैरिपिल टेबलेट से 48 घंटे में डेंगू ठीक होने का दावा, डॉक्टर बोले- ऐसी वायरल जानकारी के चक्कर में न पड़ें



No, Papaya Leaf Extract Drug Caripill Is Not Cure For Dengue Virus Infection
X
No, Papaya Leaf Extract Drug Caripill Is Not Cure For Dengue Virus Infection

  • क्या वायरल: कैरिपिल नाम की टेबलेट से 48 घंटे में डेंगू का उपाचार हो सकता है
  • क्या सच : डॉक्टरों के मुताबिक, यह जानकारी भ्रामक तथ्यों पर आधारित है। डेंगू के लक्षण दिखने पर तुरंत अच्छे डॉक्टर के पास इलाज करवाएं

Dainik Bhaskar

Sep 10, 2019, 06:54 PM IST

फैक्ट चेक डेस्क. सोशल मीडिया में कारिपिल नाम की एक टेबलेट को लेकर मैसेज वायरल किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि, यह एक ऐसी दवा है जो डेंगू का 48 घंटे में उपचार कर सकती है। एक पाठक ने यह वायरल दावा पुष्टि के लिए भेजा। एक्सपर्ट से बात करने पर पता चला कि यह दावा गलत है। ऐसी कोई दवा नहीं है, जो 48 घंटे में डेंगू का उपचार कर दे। 

 

क्या वायरल

  • वायरल किया जा रहा है कि, कारिपिल सिर्फ 48 घंटे में डेंगू का उपचार कर सकती है। 
सोशल मीडिया में वायरल मैसेज।

 

  • वायरल जानकारी में लिखा है कि, यह मुफ्त में उपलब्ध है, जो अंत:करण द्वारा बेची जा रही है। 
  • इस जानकारी के साथ में कुछ मोबाइल नंबर भी उपलब्ध करवाए गए हैं। 
  • इस मैसेज को फेसबुक और दूसरे मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी काफी वायरल किया जा रहा है। 
यह मैसेज कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल किया जा रहा है।

 

क्या है सच्चाई

  • वायरल मैसेज को लेकर हमने मप्र के सबसे बड़े सरकारी कॉलेजों में से एमजीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ वीपी पांडे से बात की। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा ये मैसेज पूरी तरह से गलत है।
  • डॉ पांडे मुताबिक, 95 प्रतिशत मामलों में डेंगू सामान्य बुखार की दवाई और सामान्य देखभाल से ही ठीक हो जाता है। 5 प्रतिशत केस ही ऐसे होते हैं, जिसमें स्थिति गंभीर होती है। यह ऐसे मामले होते हैं, जब डेंगू दूसरी या तीसरी बार अटैक करता है। इसमें ब्लड सेल्स बनना कम हो जाते हैं। पानी भरता है। किडनी काम न करने जैसी कई समस्याएं होती हैं। इसका इलाज एलोपैथी से ही संभव है। 
  • डॉ पांडे के मुताबिक, कारिपिल नाम की जिस टेबलेट की जानकारी वायरल की जा रही है, उसका न तो कोई क्लिनिकल ट्रायल सामने आया है न ही उसमें कुछ ऐसा नजर आता है, जो डेंगू को ठीक कर दे। यह सिर्फ पपीता के नाम पर पैसा कमाने का धंधा है। 
  • हमने इंटरनेट पर इस बारे में सर्च किया तो हमें TheHealthSite द्वारा 12 अगस्त 2016 को प्रसारित एक आर्टिकल मिला।
द हेल्थ साइट में प्रसारित आर्टिकल।
  • इस आर्टिकल के मुताबिक, 2016 में भी यह मैसेज वायरल हुआ था जिसके बाद इसे बेचने वाले क्लिनिक अंत:करण से संपर्क किया गया। वहां के संचालक से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, कारिपिल से हमारा क्लिनिक किसी भी तरह से संबद्ध नहीं है और सोशल मीडिया में जो मैसेज वायरल किया जा रहा है वो फेक है। 
प्रसारित खबर।

 

  • वेबसाइट ने कारिपिल ड्रग का निर्माण करने वाले कंपनी से भी बात की। उन्होंने वहां वीपी के हवाले से लिखा था कि, वॉट्सऐप पर वायरल हो रहे इस मैसेज की हमें जानकारी नहीं। उन्होंने यह भी कहा था कि हम यह दावा नहीं करते कि यह दवाई 48 घंटे में डेंगू का उपचार कर देगी। यह एक प्रिस्क्रिप्शन मेडिसिन है, जिसकी मार्केटिंग सिर्फ डॉक्टर्स के लिए की जाती है। 
  • हालांकि सरकार का आयुष विभाग एक स्टेटमेंट में यह स्पष्ट कर चुका है कि, यह सुझाव देने का इरादा नहीं है कि इन उपचारों का उपयोग पारंपरिक उपचार के बजाए किया जाना चाहिए। 
आयुष मंत्रालय भी इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी कर चुका है।
  • हमने इस जानकारी के साथ जो नंबर प्रसारित किए जा रहे हैं, उन पर भी बात करने की कोशिश की लेकिन किसी ने भी फोन रिसीव नहीं किया। इन सभी तथ्यों से यह स्पष्ट होता है कि सोशल मीडिया का दावा भ्रामक और गलत है। डेंगू के संकेत नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर इलाज शुरू करवाना चाहिए। 
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना