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फेक न्यूज एक्सपोज:PIB ने भास्कर यूपी की खबर को दैनिक भास्कर का बताकर पोस्ट किया; जानिए पूरी सच्चाई

2 महीने पहले
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PIB ने सोशल मीडिया में दैनिक भास्कर के ट्विटर हैंडल @DainikBhaskar को टैग करते हुए एक फोटो पोस्ट की है। @PIBFactCheck हैंडल से की गई इस पोस्ट में कितनी सच्चाई है, आइए जानते हैं..

सबसे पहले देखिए @PIBFactCheck का ट्वीट..

PIB की इस पोस्ट में 2 बड़े दावे किए गए हैं...

  • पहला दावा - पोस्ट की गई फोटो को दैनिक भास्कर समूह के अखबार की खबर बताया है।
  • सच्चाई - अखबार की ये फोटो दैनिक भास्कर यूपी ग्रुप की है, न कि दैनिक भास्कर भोपाल समूह की। दैनिक भास्कर यूपी ग्रुप, दैनिक भास्कर समूह से अलग है। यानी, दोनों अलग-अलग संस्थान हैं और उनसे हमारा कोई लेना-देना नहीं है। दोनों के ट्विटर हैंडल भी अलग हैं। दैनिक भास्कर भोपाल का हैंडल @DainikBhaskar है, जबकि भास्कर यूपी ग्रुप का हैंडल @upbhaskar है।
  • दूसरा दावा - पीआईबी के मुताबिक दैनिक भास्कर ने दावा किया है कि आयुष मंत्रालय ने कोविड-19 के ट्रीटमेंट के लिए नेटवर्क ऑफ इन्फ्लुएंजा केयर एक्सपर्ट्स के डेवलप प्रोटोकॉल की सलाह दी।
  • सच्चाई - ये खबर दैनिक भास्कर समूह की ओर से प्रकाशित नहीं गई है, तो यह साफ है कि ये दावा हमने नहीं किया है। वहीं, ये दावा भास्कर यूपी ग्रुप ने भी नहीं किया; बल्कि इसे डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी ने 23 जुलाई को प्रेस में रिलीज किया था। PIB के पोस्ट में दिख रही खबर भी डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी के हवाले से छापी गई थी।

सच की पड़ताल..

  • दैनिक भास्कर PIB Fact Check की इस पोस्ट का खंडन करता है। PIB की ओर से शेयर की गई फोटो दैनिक भास्कर की नहीं बल्कि दैनिक भास्कर यूपी ग्रुप के अखबार की है, जिससे भास्कर समूह का कोई लेना-देना नहीं है।
  • पड़ताल के अगले चरण में हमने इस पोस्ट की जांच में पाया कि दैनिक भास्कर यूपी ग्रुप ने भी ये दावा नहीं किया है कि आयुष मंत्रालय ने कोविड-19 के उपचार के लिए नेटवर्क ऑफ इन्फ्लुएंजा केयर एक्सपर्ट्स के डेवलप प्रोटोकॉल की सलाह दी है।
  • आयुष मंत्रालय को लेकर ये दावा दरअसल डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी ने किया था। डॉ. चौधरी ने 23 जुलाई को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस दावे पर प्रेस रिलीज भी जारी की थी। दैनिक भास्कर के यूपी ग्रुप के 25 जुलाई, देहरादून एडिशन में छपी ये खबर भी उसी प्रेस रिलीज के आधार पर छापी गई थी।
डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज।
डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज।
  • डॉ. बिस्वरूप की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज के टॉप पर लिखा है- एनआईएन, आयुष मंत्रालय ने हल्के से गंभीर कोविड-19 रोगियों के लिए डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी के N.I.C.E प्रोटोकॉल की सलाह दी।
  • पड़ताल के अगले चरण में हमने अखबार की फोटो को गूगल पर रिवर्स सर्च किया। सर्च रिजल्ट में हमें ये फोटो डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी के सोशल मीडिया पेज इंडो वियतनाम मेडिकल बोर्ड पर मिली।
  • पड़ताल के दौरान हमने डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि ये फोटो दैनिक भास्कर यूपी ग्रुप के पॉलिटिकल रिपोर्टर केपी मलिक ने उन्हें भेजी थी।
  • इसके बाद हमने भास्कर यूपी ग्रुप के रिपोर्टर केपी मलिक से संपर्क किया। मलिक ने हमें बताया, ये खबर भास्कर यूपी ग्रुप के 25 जुलाई, 2021 देहरादून एडिशन के 9वें पेज पर छपी थी। मैंने इस खबर की फोटो एडिटिंग की मदद से फ्रंट पेज पर लगाकर इसकी फोटो डॉ. बिस्वरूप को भेजी थी।'
  • साफ है कि सोशल मीडिया पर भारत सरकार की PIB Fact Check का दैनिक भास्कर समूह को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। ये खबर दैनिक भास्कर समूह ने नहीं बल्कि भास्कर यूपी ग्रुप ने 25 जुलाई, 2021 देहरादून एडिशन में छापी थी। वहीं, 'आयुष मंत्रालय ने कोविड-19 के ट्रीटमेंट के लिए नाइस की सलाह' ये दावा भास्कर यूपी ग्रुप का नहीं, बल्कि डॉ. बिस्वरूप रॉय चौधरी का है।
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