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फेक न्यूज एक्सपोज:घायल छात्र की फोटो शेयर कर यूजर्स ने लिखा- छात्र संयम रखें, मंदिर बन रहा है; जानिए इस वायरल PHOTO की पूरी सच्चाई

4 महीने पहलेलेखक: हितेश तिवारी

क्या हो रहा है वायरल: बिहार में बुधवार को छात्रों ने जगह-जगह आंदोलन किया था। इस दौरान कुछ जगहों पर हिंसक प्रदर्शन भी हुआ। अब इस आंदोलन से जोड़कर सरकार पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल की जा रही है।

फोटो में देखा जा सकता है कि एक युवक की पीठ पर लाठी-डंडों के दर्दनाक निशान बने हुए हैं। वहीं, एक महिला उस युवक के सिर पर हाथ रखे हुए है। फोटो शेयर कर यूजर्स ने लिखा- रोजगार के लिए ना लड़े छात्र संयम रखें, मंदिर बन रहा है।

और सच क्या है?

  • वायरल फोटो का सच जानने के लिए हमने इसे गूगल पर रिवर्स सर्च किया। सर्च रिजल्ट में हमें ये फोटो साबिर खान नाम के यूजर के एक पोस्ट में मिली।
  • ध्यान देने वाली बात यह है कि ये फोटो 28 मार्च 2020 को शेयर की गई थी। वहीं, इस फोटो के कैप्शन में लिखा है- कोरोना से नहीं पुलिस की मार से ही मर जाएगी देश की गरीब जनता, कोरोना से ज्यादा खतरनाक पावर का गलत इस्तेमाल कर रहे पुलिस वाले।
  • पड़ताल के दौरान हमें वायरल फोटो से जुड़ी फोटो एक बंगाली यूजर के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी मिली। ये फोटो इस अकाउंट पर 17 जुलाई 2019 को शेयर की गई थी।
  • कैप्शन में दावा किया गया है कि फोटो में दिख रहे युवक को उसकी प्रेमिका के पिता ने बेरहमी से पीटा है। कैप्शन में बंगाली भाषा में लिखा है- प्यार करना आसान है, लड़की के पिता से बचना मुश्किल है।
  • ये फोटो सोशल मीडिया पर 2019 से मौजूद है, जिससे साफ होता है कि ये फोटो न कोरोना काल की है और न हाल ही में हुए छात्र आंदोलन की। बता दें कि देश में पहला लॉकडाउन या जनता कर्फ्यू 22 मार्च 2020 को लगा था।
  • साफ है कि सोशल मीडिया पर वायरल फोटो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। ये फोटो छात्र आंदोलन में घायल हुए छात्र की नहीं है।
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