• Hindi News
  • No fake news
  • Social media claims, idols of Lord Ram, Sita, Laxman were sent from Ayodhya to Karnataka before Babur's attack, two photos go viral

फैक्ट चेक / सोशल मीडिया का दावा, बाबर के हमले के पहले अयोध्या से कर्नाटक भेज दी गईं थीं भगवान राम, सीता, लक्ष्मण की मूर्तियां, दो फोटो वायरल  

Social media claims, idols of Lord Ram, Sita, Laxman were sent from Ayodhya to Karnataka before Babur's attack, two photos go viral
X
Social media claims, idols of Lord Ram, Sita, Laxman were sent from Ayodhya to Karnataka before Babur's attack, two photos go viral

  • क्या वायरल : भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, शत्रुघ्न के दो फोटो वायरल हो रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह वही मूर्तियां हैं, जिन्हें बाबर के हमले से पहले सुरक्षित रखने के लिए कनार्टक पहुंचा दिया गया था
  • क्या सच : इन मूर्तियों के अयोध्या से कर्नाटक भेजे जाने का कोई प्रमाण मौजूद नहीं। कई सालों से यह मूर्तियां श्री सद्गुरु समर्थ नारायण महाराज आश्रम, हरिहर (कनार्टक) में स्थापित हैं

दैनिक भास्कर

Nov 22, 2019, 11:01 AM IST

फैक्ट चेक डेस्क. अयोध्या जमीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सोशल मीडिया पर दो फोटो वायरल हो रही हैं, जिनमें भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और मां सीता दिखती हैं। दावा किया जा रहा है कि बाबर के हमले के पहले ही इन मूर्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया था। दैनिक भास्कर मोबाइलऐप के एक पाठक ने हमें यह वायरल पोस्ट सत्यता की पुष्टि के लिए भेजी। 

क्या वायरल

  • सोशल मीडिया पर दो फोटो के साथ ही एक मैसेज वायरल हो रहा है। 
  • इसमें ये भी लिखा है कि, इन मूर्तियों को नारायण आश्रम में रखा गया था, जो अब कर्नाटक में आता है। तब से वहीं इनकी पूजा की जा रही है। 
  • पोस्ट में दावा किया गया है कि, अब इन मूर्तियों को वापस अयोध्या लाया जाएगा। 

क्या है सच्चाई

  • पड़ताल में पता चला कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही दोनों ही फोटो श्री सद्गुरु समर्थ नारायण महाराज आश्रम, हरिहर (कनार्टक) की हैं। 
  • हालांकि इस बात का कोई भी भरोसेमंद सोर्स नहीं है, जो यह साबित करता हो कि यह मूर्तियां बाबर के हमले के पहले अयोध्या से कर्नाटक लाई गई थीं। 
  • पड़ताल में हमें दोनों ही फोटो कन्नड टाइम्स में मिलीं। कन्नड़ टाइम्स के मुताबिक, यह मूर्तियां श्री सद्गुरु समर्थ नारायण महाराज आश्रम की हैं इन्हें चिन्मय एम राव द्वारा क्लिक किया गया है। 

क्या है फोटो में...

पहली फोटो

  • इस फोटो में भगवान राम, लक्ष्मण और सीता जी बनी हैं, जो मेटल से बनाई गई हैं। आश्रम की वर्किंग कमेटी के सदस्य पुरुषोत्तम गुप्ता ने इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कहा कि, यह मूर्तियां 70 से 80 साल से ज्यादा पुरानी नहीं हैं। सदियों पहले इन्हें अयोध्या से कर्नाटक लाने की बात गलत है। 
  • वहीं अयोध्या राम मंदिर के पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा कि, रामलला यानी भगवान राम के बचपन का अवतार। यहां राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की मूर्तियां हैं, सीता मां की मूर्ति नहीं है। वे कहते हैं कि, वायरल पोस्ट में सीता मां की मूर्ति भी दिखाई जा रही है, इसी से साबित होता है कि इन्हें अयोध्या से नहीं ले जाया गया। 

दूसरी फोटो

  • इस फोटो में राम, लक्ष्मण और सीता की मूर्ती काले पत्थर से बनी हुई है। इस बारे में गुप्ता का कहना है कि, अयोध्या पर आए फैसले के बाद कुछ स्थानीय लोग यह मान रहे हैं कि इन्हें अयोध्या से लाया गया है। हालांकि इसका कोई प्रमाण नहीं है। मूर्तियां देखने में काफी पुरानी लग रही हैं, लेकिन इनके अयोध्या से आने का अभी तक कोई प्रमाण नहीं है। 

निष्कर्ष : अयोध्या पर आए फैसले के बाद से ही फोटोज को वायरल किया जा रहा है। फैसले के पहले ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई थी। अयोध्या से मूर्तियों को लाए जाने की पुष्टि कोई नहीं कर पा रहा। एएसआई या आर्किलॉजिकल एक्सपर्ट्स ने भी ऐसी कोई बात अभी तक नहीं कही है। ऐसे में अभी यह कहा नहीं जा सकता कि, वास्तव में ये मूर्तियां अयोध्या से कनार्टक भेजी गईं थी या नहीं। 

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना