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फैक्ट चेक:क्या चाय पीने वालों को नहीं होता कोरोना का संक्रमण ? सोशल मीडिया का यह दावा पड़ताल में पाया गया सिर्फ अफवाह

एक वर्ष पहले
  • वायरल मैसेज में आंखों के डॉक्टर को बताया गया कोरोना वायरस विशेषज्ञ
  • अब तक किसी भी रिसर्च में नहीं हुई चाय से कोविड-19 के इलाज की पुष्टि

कोरोना वायरस का सटीक इलाज खोजना भले ही दुनिया भर के वैज्ञानिकों के लिए बड़ी चुनौती हो। लेकिन, सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाने वाले तत्व कई बार इसके इलाज से जुड़े अलग-अलग दावे कर चुके हैं। इन दावों को लोग सही मानकर शेयर भी करते हैं। 

ऐसा ही एक दावा चाय से जुड़ा हुआ है। वायरल मैसेज में चीन के डॉक्टर के हवाले से यह कहा गया है कि दिन में तीन बार चाय पीने से कोरोना नहीं होगा। इस मैसेज में सूचनाओं को इस तरह गढ़ा गया है, कि पहली नजर में कहना मुश्किल है कि तथ्य असली हैं या फर्जी। आमतौर पर वायरल मैसेजेस में सूत्रों का हवाला नहीं दिया जाता। लेकिन, इसमें न सिर्फ चाय वाले इलाज के लिए रेफरेंस के तौर पर डॉक्टर का नाम दिया गया है। बल्कि, अमेरिका के सीएनएन न्यूज का भी हवाला दिया गया है।

क्या वायरल : मैसेज की शुरुआती लाइन हैं , चाय पियो व पिलाओ, चाय पीने वालों के लिए खुशखबरी। आगे लिखा है कि चीन के कोरोना वायरस विशेषज्ञ Dr. Li Wenliang अपनी मृत्यु के पूर्व यह कह गए हैं कि, 3 केमिकल Methylxanthine, Theobromine एवं Theophylline कोरोना वायरस को मार सकते हैं। और ये तीनों केमिकल ही चाय में पाए जाते हैं। कोई दिन में तीन कप चाय पीता है, तो कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं होगा। यदि कोई संक्रमित व्यक्ति चाय पीता है तो कुछ ही दिनों में वो संक्रमण मुक्त हो जाएगा। 

चाय के शौकीन देश में जब चाय को ही एक महामारी का इलाज बता दिया जाए, तो ऐसी सूचना का वायरल होना लाजमी है। सबसे ज्यादा यह पोस्ट फेसबुक पर शेयर की जा रही है। इस मैसेज को सोशल मीडिया पर सर्च करने पर पता चला कि मार्च के महीने में भी यह वायरल हो चुका है। 

https://www.facebook.com/sushma.agrawal.1048/posts/2950642198322321
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https://www.facebook.com/sethastrologer
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https://www.facebook.com/GNGH2017/posts/852739801880875
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https://www.facebook.com/permalink.php?story_fbid=1134912816893617&id=100011247272371
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फैक्ट चेक पड़ताल 

सबसे पहले हमने उन सोर्सेस को खंगालना शुरू किया, जिनके आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि चाय से कोरोना वायरस का इलाज होता है। 

- वायरल मैसेज में बताया गया सबसे पहला सोर्स है सीएनएन न्यूज । सीएनएन की वेबसाइट पर हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली जिसमें यह बताया गया हो कि चीन के वैज्ञानिक ली वेनलियांग ने चाय को कोरोना संक्रमण का इलाज बताया था। 

- वायरल मैसेज में अगला दावा है कि ली वेनलियांग को चाय वाला इलाज बताने की वजह से ही चीनी सरकार ने सजा दी। इसका जवाब हमें सीएनएन की वेबसाइट पर ही मिला। 4 फरवरी, 2020 का एक आर्टिकल है, जो ली वेनलियांग के संबंध में ही लिखा गया है। सीएनएन ने ली से बात भी की है। आगे ली और कोरोना वायरस से जुड़ा घटनाक्रम उस सीएनएन की खबर के अनुसार ही लिखा जा रहा है, जिस सीएनएन का वायरल मैसेज में जिक्र किया गया है। 

- यह तब की बात है जब चीन के सी फूड मार्केट जाने वाले पहले सात लोग कोविड-19 से संक्रमित पाए गए थे। लेकिन, इसकी जानकारी जनता को नहीं दी गई थी। ली को जैसे ही इसकी भनक लगी उन्होंने अपने परिचितों को सतर्क रहने के लिए एक मैसेज भेजा। कुछ ही देर में इस मैसेज के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। नतीजतन 34 वर्षीय ली को वुहान पुलिस ने अफवाह फैलाने का आरोपी बना दिया। ली की चेतावनी इंटरनेट पर वायरल होने के बाद चीन की स्वास्थ्य से जुड़ी अथॉरिटीज की बैठक हुई। 31  दिसंबर, 2019 को यह चेतावनी जारी कर दी गई कि कोई भी व्यक्ति या संस्था तब तक जनता को कोरोना वायरस या उसके इलाज के संबंध में कोई जानकारी नहीं देंगे, जब तक उन्हें अधिकृत न किया जाए। अगले दिन चीन ने डब्ल्यूएचओ को इस वायरस के संबंध में जानकारी दी। लेकिन, ली की मुश्किलें कम नहीं हुईं। 

- 3 जनवरी, 2020 को लोकल पुलिस स्टेशन में वेनलियांग से पूछताछ भी की गई। उन्हें लिखित में यह स्टेटमेंट देना पड़ा कि वे अब कोई गैर कानूनी काम (चीन की सरकार की नजर में गैर कानूनी काम) नहीं करेंगे।

- 10 जनवरी, 2020 को ली एक ऐसे मरीज का इलाज कर रहे थे, जो कोरोना संक्रमित था। 12 जनवरी को ली में कोविड-19 के लक्षण दिखे, जिसके चलते वे अस्पताल में भर्ती हुए। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ली वेनलियांग कोरोना वायरस का इलाज नहीं कर रहे थे। वे ऑफथेमोलॉजिस्ट (आंखों के डॉक्टर) थे। 1 फरवरी को वे कोरोना संक्रमित पाए गए। बाद में इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। 

इलाज के दौरान गंभीर हालत में ली वेनलियांग
इलाज के दौरान गंभीर हालत में ली वेनलियांग

- इस जानकारी से यह स्पष्ट है कि ली पर चीन की सरकार ने जो कार्रवाई की, वो कोरोना का इलाज बताने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को कोविड-19 के बारे में बताने के लिए की थी। 

- वायरल मैसेज में ली को कोरोना वायरस विशेषज्ञ बताया गया है, जबकि उनसे जुड़ी सभी खबरों के अनुसार वे आंखों के डॉक्टर थे। आंखों का डॉक्टर कोरोना वायरस का इलाज बताए, यह संभव नहीं है। इस भ्रामक तथ्य को जबरन ली वेनलियांग से जोड़ा गया। आंखों के डॉक्टर को कोरोना वायरस विशेषज्ञ बताकर लोगों को भ्रमित किया गया।

- अब भी हमारे सामने यह सवाल था कि क्या चाय से कोरोना वायरस के संक्रमण के कम होने की कोई संभावना है ? हमने इस संबंध में की गई रिसर्च इंटरनेट पर खंगालना शुरू की। चाइना डेली में प्रकाशित 3 मार्च, 2020 का एक आर्टिकल हमें मिला। जिसके अनुसार कोविड-19 का इलाज चाय से होने का दावा करने वाली एक रिसर्च  Zhejiang Provincial Center for Disease Control and Prevention के शोधकर्ताओं ने की थी। लेकिन, इसी आर्टिकल में आगे बताया गया है कि 26 फरवरी को संस्था के ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से इस रिसर्च को हटा लिया गया। यानी अभी तक यह सिद्ध नहीं हुआ है कि चाय पीने से कोरोना संक्रमण का खतरा कम होता है या कोरोना का इलाज होता है। 

निष्कर्ष : वायरल मैसेज में आंखों के डॉक्टर को महामारी विशेषज्ञ बताकर लोगों को भ्रमित किया गया है। चाय से कोरोना का इलाज साबित होने वाली बात कोरी अफवाह है। 


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