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सोशल सच / नोटबंदी के दो साल बाद फिर वायरल हुई रोते बुजुर्ग की फोटो, पर जिसे पीड़ित बताया गया वह तो मोदी की तारीफ कर रहा था



two years of demonetisation again old person photo gone viral reality check
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two years of demonetisation again old person photo gone viral reality check

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2018, 05:16 PM IST

नो फेक न्यूज डेस्क. 8 नवंबर को नोटबंदी के दो साल पूरे हो गए। दो साल पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 500 और 1000 रुपए के नोट को अमान्य कर दिया था। सरकार का तर्क था कि इससे कालेधन पर लगाम लगेगी और नकली नोटों को पकड़ने में मदद मिलेगी। इस बीच एक फोटो भी वायरल हुई, जिसमें एक बुजुर्ग लाइन में खड़े होकर रोता दिख रहा था। यही फोटो अब नोटबंदी की दूसरी सालगिरह पर भी वायरल हो रही है।

 

हालांकि, हमारी पड़ताल में सामने आया कि जिस रोते हुए बुजुर्ग की फोटो वायरल कर नोटबंदी का पीड़ित बताने की कोशिश की जा रही है, उसी ने सरकार के इस फैसले की जमकर तारीफ की थी।

 

क्या है वायरल फोटो में?

  • वायरल फोटो में एक बुजुर्ग है, जो रोता हुआ दिख रहा है। इस फोटो को बीबीसी के पत्रकार सौतिक बिस्वास ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया है। इसी फोटो को पिछले साल नोटबंदी की पहली सालगिरह पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया था। 

 

 

 


पड़ताल : क्या है इसकी सच्चाई?

  • इस फोटो की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल रिवर्स इमेज सर्च की मदद ली। जब इस फोटो को गूगल पर सर्च किया गया तो कई न्यूज वेबसाइट और ट्विटर अकाउंट की लिंक सामने आई, जिसमें इस फोटो का इस्तेमाल किया गया था।
  • पहली बार ये फोटो दिसंबर 2016 में वायरल हुई थी। दरअसल, इस फोटो को हिंदुस्तान टाइम्स के फोटो जर्नलिस्ट प्रवीण कुमार ने क्लिक किया था। ये फोटो गुरुग्राम में एसबीआई बैंक की ब्रांच के बाहर लाइन में खड़े 78 साल के रिटायर्ड आर्मी अफसर नंद लाल की है। 

 

 

  • पड़ताल करने पर हमें नंदलाल का एक वीडियो भी मिला और कई न्यूज वेबसाइट्स की लिंक भी मिली जिसमें उन्होंने नोटबंदी की तारीफ भी की थी।
  • न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि 'जो भी सरकार आए, मैं उसका इस्तकबाल करता हूं और मरते दम तक करूंगा। नोटबंदी से फायदा हुआ, उग्रवादियों ने शोर मचा रखा था।' उन्होंने लाइन में खड़े होकर रोने वाली फोटो के बारे में बताया था कि लाइन में धक्का लगने की वजह से एक महिला से उनका पैर कुचला गया था, जिससे उनके आंसू निकल गए थे।
  • इससे पता चलता है कि जिस बुजुर्ग व्यक्ति की फोटो को नोटबंदी का पीड़ित बताकर वायरल की जाती रही है, वो गलत है। उन्हें नोटबंदी की वजह से कोई दिक्कत नहीं हुई थी। इस पड़ताल से पता चलता है कि इस फोटो के साथ जो दावा किया जाता रहा है, वो गलत है। 

 

कौन हैं रिटायर्ड आर्मी अफसर नंदलाल?

  • नंदलाल ओल्ड गुरुग्राम के भीम नगर एरिया में 8X10 के घर में अकेले रहते हैं। भारत-पाकिस्तान के विभाजन के बाद वे पाकिस्तान के डेरा गाजी खान से भारत लौट आए थे। 
  • पंजाब और जम्मू-कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर अपनी सेवाएं देने के बाद नंदलाल 1991 में रिटायर हो गए थे। उनकी एक बेटी भी है, जिसे उन्होंने गोद लिया था और उसकी शादी हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार की तरफ से उन्हें 8 हजार रुपए की पेंशन हर महीने मिलती है।
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