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सोशल सच /अगर पेट्रोल की कीमतें कम चाहते हैं तो मोदी को दोबारा वोट न दें! मुम्बई के पेट्रोल पम्प पर मिली ऐसी पर्ची



viral photo of petrol pump bill stating that dont vote modi again reality
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viral photo of petrol pump bill stating that dont vote modi again reality

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2018, 06:55 PM IST

नो फेक न्यूज डेस्क. भारत में इन दिनों पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले हफ्ते सरकार ने पेट्रोल 2.50 रुपए सस्ता कर थोड़ी राहत तो दी थी, लेकिन उसके बाद भी हर दिन पेट्रोल की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक 'बिल' वायरल हो रहा है, जिसमें पेट्रोल की कीमत 87.88 रुपए है। इस बिल रके नीचे मोदी को वोट नहीं देने की सलाह भी दी गई है।

 

हालांकि, हमारी पड़ताल पर ये बिल फर्जी निकला। ऐसा कोई पेट्रोल पंप नहीं है, जिसने अपने बिल में नीचे मोदी को वोट नहीं देने की सलाह दी हो। ये बिल फोटोशॉप किया गया है और इसमें पेट्रोल की कीमतें भी बदल दी हैं।

  • क्या है इस वायरल बिल में?

    इस बिल में 4 अक्टूबर 2018 की तारीख लिखी है और इसमें पेट्रोल की कीमत 87.88 रुपए दर्ज है। इस बिल के नीचे लिखा है "अगर आप पेट्रोल की कीमतें कम चाहते हैं तो मोदी को दोबारा वोट नहीं दें। धन्यवाद, दोबारा जरूर आएं।"

  • पड़ताल : क्यों झूठा है ये बिल?

    पड़ताल : क्यों झूठा है ये बिल?

    • इस बिल की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले इस बिल के ऊपर लिखे पेट्रोल पंप के नाम 'साईं बालाजी पेट्रोलियम' के बारे में गूगल पर सर्च किया। जब हमने गूगल इमेज पर देखा तो हमें इसी बिल की असली फोटो मिली।
    • इस बिल की असली फोटो 'गोल्डमाइन इलेक्ट्रोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड' की वेबसाइट पर मिली। ये कंपनी बिलिंग मशीन की मैनुफैक्चरिंग और सेलिंग करती है। इसी कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर इस बिल को 'सैंपल बिल' के तौर पर अपलोड किया है।
    • इस सैंपल बिल में पेट्रोल पंप का नाम, कस्टमर का नाम, गाड़ी नंबर, समय वही लिखा है, जो वायरल बिल में लिखा है। 
    • सैंपल बिल को फोटोशॉप कर इसकी तारीख और कीमत को बदल दिया। इतना ही नहीं वायरल बिल में 4 अक्टूबर को पेट्रोल की जो कीमत लिखी है, वो भी गलत है। क्योंकि गुड रिटर्न्स वेबसाइट के मुताबिक, 4 अक्टूबर को मुंबई में पेट्रोल की कीमत 91.34 रुपए थी।
    • इसके अलावा रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे मिनिस्ट्री की तरफ से चल रही नेशनल ई-रजिस्ट्रेशन सर्विस पर इस बिल में लिखे गाड़ी नंबर को सर्च किया तो भी कोई जानकारी नहीं मिली। 
    • इन सब बातों से साबित होता है कि सोशल मीडिया पर जिस बिल को वायरल किया जा रहा है, वो फर्जी है और पूरी तरह से फोटोशॉप किया गया है। क्योंकि बिलिंग मशीन से निकला बिल इतना साफ नहीं होता और उसपर लिखे अक्षर इतने साफ नहीं दिखाई देते, साथ ही वो थोड़ा चिकना भी होता है।

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