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फेक न्यूज एक्सपोज:क्या 2017 से पहले सपा सरकार में जर्जर थी सरकारी स्कूलों की हालत? जानिए BJP के प्रचार की ग्राफिक PHOTO का सच

15 दिन पहले

क्या हो रहा है वायरल: देश में इस साल उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इनकी तारीख भी शनिवार को घोषित कर दी गई। इसके लिए पॉलिटिकल पार्टियां चुनाव प्रचार भी जोरशोर से कर रही हैं। इस बीच भाजपा नेता यूपी के चुनावी प्रचार में सोशल मीडिया पर एक ग्राफिक इमेज शेयर कर रहे हैं।

इस ग्राफिक इमेज में 2017 से पहले सपा सरकार में जर्जर स्कूलों की हालत बताई गई है। वहीं, दूसरी तरफ 2017 के बाद योगी सरकार के कार्यकाल में मॉडर्न स्कूलों की तस्वीरें दिखाई गई हैं। इस ग्राफिक इमेज में सबसे ऊपर 'फर्क साफ है' लिखा है।

इस ग्राफिक इमेज को भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर कर लिखा- फर्क साफ है।

भाजपा प्रवक्ता नवीन कुमार जिंदल ने भी प्रचार करते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ये ग्राफिक इमेज शेयर की।

और सच क्या है?

  • भाजपा द्वारा शेयर की जा रही ग्राफिक इमेज में जहां 2017 से पहले सपा सरकार में जर्जर स्कूलों की तस्वीरें दिखाई गई हैं। इसमें से एक तस्वीर पर 2018-8-8 तारीख और समय 10:25 लिखा है।
  • पड़ताल की शुरुआत में जर्जर स्कूलों की एक-एक तस्वीर को क्रॉप कर गूगल पर रिवर्स सर्च किया। सर्च रिजल्ट में हमें इसकी पहली फोटो अमर उजाला की वेबसाइट पर खबर के साथ मिली।
  • वेबसाइट के मुताबिक, जर्जर स्कूल की ये फोटो यूपी के शाहपुर क्षेत्र के गांव सोरम के प्राथमिक स्कूल की है। वहीं, ध्यान देने वाली बात यह है कि ये फोटो खबर के साथ वेबसाइट पर 7 जनवरी 2021 को पब्लिश हुई थी। इससे साफ होता है कि ये फोटो 2017 से पहले की नहीं है।
  • ग्राफिक इमेज में दिख रहे जर्जर स्कूल की दूसरी फोटो रिवर्स सर्च करने पर हमें ये फोटो uttarpradesh.org की वेबसाइट पर खबर के साथ मिली।
  • वेबसाइट पर मौजूद इस फोटो में 2018-8-8 तारीख का वाटर मार्क लगा है, जो भाजपा द्वारा शेयर किए जा रहे ग्राफिक इमेज में भी देखा जा सकता है।
  • वेबसाइट के मुताबिक, ये फोटो यूपी के चित्रकूट के प्राथमिक विद्यालय की है। जहां पानी भरने के कारण बच्चों और शिक्षकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। ये फोटो वेबसाइट पर खबर के साथ 3 साल पहले पब्लिश हुई थी। जिससे साफ होता है कि ये फोटो 2017 से पहले की नहीं है।
  • जर्जर स्कूल की तीसरी फोटो को भी हमने गूगल पर रिवर्स सर्च किया। सर्च रिजल्ट में हमें ये फोटो newsaddaa.in की वेबसाइट पर खबर के साथ मिली।
  • वेबसाइट के मुताबिक, ये फोटो यूपी के सुकरौली के प्राथमिक विद्यालय की है। जहां निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय में ताला लगा मिला। इसके बाद अधिकारियों ने पूछताछ की तो पता चला कि शिक्षक उपस्थित नहीं रहता है। इस घटना के बाद शिक्षक के वेतन में कटौती करते हुए उस पर कार्रवाई की गई थी।
  • ध्यान देने वाली बात यह है कि ये फोटो खबर के साथ 17 दिसंबर 2020 को पब्लिश की गई थी। जिससे साफ होता कि ये फोटो 2017 से पहले की नहीं है।
  • पड़ताल के दूसरे चरण में हमने 2017 के बाद योगी सरकार के मॉडर्न स्कूलों की तस्वीरों को क्रॉप करते हुए रिवर्स सर्च की। सर्च रिजल्ट में हमें मॉडर्न स्कूलों की तीनों तस्वीर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव वाई सत्या कुमार के शेयर किए गए एक पोस्ट में मिली।
  • 3 जनवरी 2022 को वाई सत्या कुमार ने फोटो शेयर कर लिखा- उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बदलाव आ रहा है। ये तस्वीरें बुलंदशहर के एक सरकारी स्कूल की हैं।
  • वाई सत्या कुमार के पोस्ट से जुड़े की-वर्ड्स सर्च करने पर हमें इन तस्वीरों से जुड़ी खबर इंडिया टाइम्स की वेबसाइट पर मिली।
  • वेबसाइट के मुताबिक, ये फोटो यूपी के बुलंदशहर के सरकारी स्कूल की है। जहां एस्ट्रोनॉमी लैब बनाई गई, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर शेयर की जा रही हैं। वेबसाइट पर ये खबर 31 दिसंबर 2021 को पब्लिश हुई थी।
  • साफ है कि भाजपा नेता द्वारा शेयर किए जा रहे चुनावी विज्ञापन में गलत दावा किया जा रहा है। जर्जर स्कूलों की तस्वीरें 2017 के पहले सपा सरकार के दौरान की नहीं बल्कि उसके बाद की हैं।