प्रदूषण / मध्य लंदन में कार चलाने पर 2200 रुपए का एक्स्ट्रा डेली चार्ज, न्यूयाॅर्क में भी 2021 से ऐसे ही प्रतिबंध

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दैनिक भास्कर

Nov 18, 2019, 11:39 AM IST

सोमिनी सेनगुप्ता, नादजा पोपोविच

दुनियाभर के प्रमुख शहरों में कारों से होने वाले प्रदूषण से निपटने पर गंभीर मंथन जारी है। शहरों के प्रबंध से जुड़े अधिकारी इस सवाल से जूझ रहे हैं कि शहरों में कारों की क्या स्थिति रहेगी? जहरीली हवा पर काबू पाने के लिए दिल्ली में सड़कों पर ऑड-ईवन नंबरों के वाहनों का प्रयोग आजमाया जाता है। मैड्रिड में कारों पर रोक लगाने के प्रयास राजनीतिक संघर्ष में तब्दील हो गए हैं। लंदन, बीजिंग ने अलग-अलग तरीके अपनाए हैं।


कई शहरों में पुरानी डीजल कारों और ट्रकों को शहर में लाना खर्चीला बना दिया है। ब्रिटेन के ब्रिस्टल में 2021 तक व्यस्त समय के दौरान डीजल वाहनों को शहर के बाहर रखा जाएगा। एम्सटर्डम में 2030 तक पेट्रोल, डीजल, गैस से चलने वाले सभी वाहन शहर में नहीं आने दिए जाएंगे। कुछ मेयरों पर वायु प्रदूषण से निपटने का राजनीतिक दबाव है।


लंदन में काफी पहले इस दिशा में प्रयास शुरू हो गए थे। 2003 में सिटी सेंटर में सप्ताह के पांच दिनों के दौरान सुबह 7 से शाम 6 बजे के बीच कार या ट्रक चलाने पर लगभग 550 रुपए देना पड़ते थे। अब यह चार्ज 1000 रुपए हो गया है। कारों और ट्रकों से भरपूर न्यूयॉर्क में 2021 से लंदन का अनुसरण किया जाएगा। लंदन में इस वर्ष अप्रैल से पुराने गैस वाहनों, डीजल कारों, ट्रकों और मोटरसाइकलों से पहले से तय शुल्क के अलावा अलग लेवी वसूल की जा रही है। मध्य लंदन में अब एक बार कार चलाने पर 2200 रुपए एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ता है।


चीन की राजधानी बीजिंग में 2011 में 50 लाख से अधिक कारें और अन्य वाहन थे। वहां डीजल कारों को हटाने पर सब्सिडी मिलती है। ईंधन उत्सर्जन के कड़े नियम लागू हैं। कई क्षेत्रों में कार ले जाने पर पाबंदी है। 2011 से नई कारों के नंबर लॉटरी से दिए जाते हैं। इस कारण कार खरीदने वालों को सड़क पर कार चलाने के लिए अधिक इंतजार करना पड़ता है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लॉटरी के अधिक विकल्प रखे हैं। प्रदूषण के लिए कुख्यात बीजिंग की हवा में सुधार हुआ है। 1998 से 2018 के बीच शहर में नाइट्रोजन डाईऑक्साइड का स्तर 55% गिरा है।


दिल्ली में 2006 से 2016 के बीच नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन में 11% बढ़ोतरी हुई। वहां 90 लाख से अधिक वाहन हैं। हर दिन 49% ट्रैफिक मेट्रो और बस से पूरा होता है। 51% ट्रैफिक निजी वाहनों से चलता है। इस वर्ष नवंबर के पहले दो सप्ताहों में ऑड-ईवन लागू हुआ। मैड्रिड में पिछले वर्ष शहर के अधिकारियों ने सिटी सेंटर में पुरानी कारों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस वर्ष जुलाई में नगर के चुनावों में दूसरी पार्टी के जीतने के बाद प्रतिबंध हटाने का एलान कर दिया गया। यह बदलाव कुछ सप्ताह ही चल पाया। एक अदालत ने सिटी सेंटर में आने वाली कारों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान फिर से लागू कर दिया है।


लंदन में दो वर्ष पहले की तुलना में वायु प्रदूषण 36%घटा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार लंदन में 2010 में प्रदूषित हवा से 9000 अकाल मौतें हुई थीं। इस तथ्य को ध्यान में रखकर हवा को शुद्ध रखने के लिए कई उपाय चलते हैं। डीजल से चलने वाली टैक्सियों को नए लाइसेंस नहीं दिए जाते हैं। पुरानी कारों और लारियों के स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए तीन लाख रुपए से अधिक सब्सिडी मिलती है। इन उपायों का अच्छा प्रभाव पड़ा है। फरवरी 2017 की तुलना में अक्टूबर 2019 में हवा में नाइट्रोजन डाईऑक्साइड का स्तर 36 प्रतिशत घट गया। नए नियम लागू होने के बाद शहर की सड़कों पर अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या 13000 कम हुई है।

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