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छानबीन / घोटालों में मिलीभगत, नामी कंसल्टिंग कंपनी मेकिन्से की जांच शुरू



A criminal investigation is underway against consulting company McKinsey & company
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A criminal investigation is underway against consulting company McKinsey & company

  • दिवालिया हो चुकी दो कंपनियों के मामले में नियम-कानून तोड़ने का संदेह
  • दक्षिण अफ्रीका की संपत्ति लूटने में पूर्व राष्ट्रपति जुमा को सहयोग देने का भी आरोप

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2019, 01:26 PM IST

मैरी विलियम्स. दुनिया की बड़ी कंपनियों को वित्तीय सलाह देने वाली नामी कंसल्टिंग कंपनी मेकिन्से के खिलाफ आपराधिक जांच चल रही है। यह मामला दिवालिया हो चुकी दो कंपनियों को सलाह देने से संबंधित है। न्यूयॉर्क, वाशिंगटन में न्याय विभाग के अधिकारी और जांचकर्ता पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या मेकिन्से ने दिवालिया कंपनियों पर अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए नियम तोड़े हैं। इस मामले में अरबों रुपए की हेरीफेरी का अंदेशा है। मेकिन्से ने कर्ज देने वाली कंपनियों की बजाय दिवालिया कंपनियों की कीमती संपत्ति स्वयं ले ली या अपने क्लाइंट को दे दी। 

 

पिछले दो सप्ताहों के दौरान जांचकर्ताओं ने दो दिवालिया कंपनियों- कोयला उत्पादक अल्फा नेचुरल रिसोर्सेस और वैकल्पिक ऊर्जा कंपनी सनएडिसन के मामले में मेकिन्से के कामकाज को लेकर पूछताछ की है। दोनों मामलों की सुनवाई कर रहे न्यायाधीशों ने कहा है कि न्याय विभाग को दीवानी या आपराधिक आरोपों के संबंध में मेकिन्से की छानबीन करनी चाहिए। मेकिन्से ने इन आरोपों से इनकार किया है। 

 

यूनाइटेड स्टेट्स ट्रस्टी ऑफिस ने न्यायाधीशों को बताया कि दिवालियेपन के तीन अन्य मामलों में मेकिन्से की जांच हो रही है। जरूरी नहीं है कि जांच के बाद मेकिन्से के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। लेकिन, उसकी प्रतिष्ठा को जबर्दस्त आघात लगेगा। नार्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी में दिवालिया कानून के प्रोफेसर ब्रूस मार्केल का कहना है, इससे मेकिन्से खत्म हो जाएगी। मेकिन्से लगातार आलोचनाओं के घेरे में है। उस पर क्लाइंट, नैतिकता और कानून को ताक पर रखकर अपने हितों को प्राथमिकता देने के आरोप हैं। कंपनी को दक्षिण अफ्रीका को करोड़ों रुपए की फीस लौटाना पड़ी थी। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी ने पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा के सहयोगियों की देश की संपत्ति लूटने में मदद की है। कंपनी का नाम यूक्रेन के एक अरबपति के खिलाफ चल रहे मामले में सामने आया है। उसने एक प्रेजेंटेशन में भारत में अधिकारियों को रिश्वत देने की जरूरत बताई थी।

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