जापान / आजाद रहने की चाह में शादी नहीं कर रहीं जापानी महिलाएं



Japanese women not marrying in want of freedom
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Japanese women not marrying in want of freedom

  • घटती जन्म दर के बीच नए ट्रेंड से नेता चिंतित 
  • घरेलू काम में उलझी महिलाएं कॅरिअर पर ध्यान नहीं दे पाती हैं 
  • परंपरा और दोहरे मापदंडों से ऊब चुकी हैं जापान की महिलाएं 

Dainik Bhaskar

Aug 05, 2019, 01:34 PM IST

मोटोको रिच /टोक्यो
दुल्हन ने बड़े स्कर्ट के साथ जन्मदिन के केक जैसी पोशाक पहन रखी थी। उसके चेहरे पर हल्का पर्दा था। वह सीढ़ियों पर खड़े होकर शादी की रस्म शुरू होने का इंतजार कर रही थी। यह परंपरागत विवाह नहीं था जिसमें दो व्यक्ति परिणय सूत्र में बंधते हैं। टोक्यो के एक आधुनिक जिले में एक हॉल में इकट्‌ठे 30 लोग 31 वर्षीय साने हनोका के अकेले रहने की घोषणा के गवाह थे। स्टेज पर खड़े होकर हनोका कहती हैं, मैं देखना चाहती हूं कि अकेले कैसे रह सकती हूं। उन्होंने लोगों को उनकी 'सिंगल वेडिंग' में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया।


ज्यादा समय नहीं हुआ है जब 25 वर्ष की आयु के बाद अविवाहित रहने वाली जापानी महिलाओं को क्रिसमस केक कहा जाता था। 25 दिसंबर के बाद न बिकने वाले केक और पेस्ट्री से व्यंग्य में उनकी तुलना की जाती थी। आज इस तरह का अपमान पुरानी बात है। जापानी महिलाएं परंपरा को ठुकराकर देर से शादी करने या अविवाहित रहने का रास्ता चुन रही हैं।


जापान में इससे पहलेे कभी इतनी अधिक महिलाएं कामकाजी नहीं थीं। फिर भी, पुराने तौर-तरीके नहीं बदले हैं। पत्नियों और माताओं को घर का पूरा काम, बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करनी पड़ती है। इससे उनका कॅरिअर मुरझा जाता है। दोहरे मापदंडों से ऊब चुकी जापानी महिलाएं विवाह न करने, अपने काम पर ध्यान देने और उन्मुक्त जीवन जीने के विकल्प की ओर बढ़ रही हैं। लेकिन, जापान की घटती आबादी की स्थिति में बदलाव की कोशिश कर रहे राजनेता इससे चिंतित हैं।


यह परिवर्तन बिजनेस में भी दिखाई पड़ता है। अकेले रहने वाले लोगों खासकर महिलाओं के लिए जरूरी सुविधाओं का कारोबार बढ़ा है। केवल महिलाओं के सैलून, रेस्तरां चल रहे हैं। ऐसी महिलाओं के लिए अपार्टमेंट भी हैं। ट्रैवल कंपनियां सिंगल महिलाओं के लिए टूर आयोजित करती हैं। फोटो स्टूडियो विवाह की ड्रेस पहनकर फोटो खिंचवाने की अलग व्यवस्था करते हैं।


पिछले साल विवाह करने वाले जोड़ों की संख्या दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे कम रही। जापान की विवाह दर में गिरावट का यह लगातार छठवां वर्ष था। बच्चों की संख्या भी घटी है। पिछले वर्ष देश में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या 1899 के बाद सबसे कम रही। स्थानीय सरकारों ने प्रजनन दर बढ़ाने और विवाह को प्रोत्साहन देने के अभियान चलाए हैं। अकेले लोगों को विवाह के लिए प्रेरित करने के लिए टूर और सेमीनार होने लगे हैं।


दूसरी तरफ कई पुरुष शादी से कतराने लगे हैं। 1990 के बाद आर्थिक स्थिति में आई गिरावट से वेतन ज्यादा नहीं बढ़े हैं। नियोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच सामाजिक रिश्ता टूट रहा है। पहले अधिकतर कर्मचारियों को आजीवन रोजगार की गारंटी रहती थी। लेकिन, अब ऐसा नहीं है।


अविवाहित महिलाओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी 
सरकारी जनगणना आंकड़ों के अनुसार जापान में 1990 के मध्य में 50 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने वाली महिलाओं की संख्या 20 में से केवल एक थी। 2015 में यह संख्या सात में से एक हो गई। 35 से 39 वर्ष की महिलाओं के बीच अविवाहित रहने का प्रतिशत और ज्यादा है। लगभग 25% महिलाओं ने शादी नहीं की। बीस वर्ष पहले यह केवल 10% थी। 

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