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अमेरिका / न्यूयॉर्क में समृद्धि तो आई, लेकिन कई इलाकों में असमानता



There was prosperity in New York, but inequality in many areas
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There was prosperity in New York, but inequality in many areas

  • राष्ट्रपति चुनाव के संघर्ष में उतरे पूर्व मेयर ब्लूमबर्ग की भूमिका पर चर्चा

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2019, 12:59 PM IST

एमिली बेजर, लुई सदुरानी. माइकेल ब्लूमबर्ग अगर अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में उम्मीदवार बनते हैं तो उनके पास बताने के लिए न्यूयॉर्क शहर के बदलाव की नाटकीय कहानी होगी। 2002 में जब ब्लूमबर्ग मेयर बने तो शहर 11 सितंबर के आतंकवादी हमले और मंदी से जूझ रहा था। तीन कार्यकाल के बाद जब वे हटे तो न्यूयॉर्क के बहुत बड़े हिस्से में नए पार्क, ऊंची इमारतें, स्टेडियम और चमचमाते दफ्तर सामने आ चुके थे। वैसे, कई आलोचक कहते हैं, शहर की कहानी यहां व्याप्त असमानता के साम्राज्य का जिक्र किए बिना पूरी नहीं होती है।

 

राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवारों का फोकस अमेरिका में व्याप्त आर्थिक असमानता पर पहले से है। वे समृद्ध तटीय शहरों और मध्य अमेरिका, अरबपतियों और कामगारों, लग्जरी भवनों और बेघरों की तुलना कर रहे हैं। ब्लूमबर्ग स्वयं अरबपति हैं। लिहाजा, कई मोर्चों पर उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने 2014 में बिल ब्लासियों को जो शहर सौंपा था, वह अमीरों का साम्राज्य बनता जा रहा है। कई इलाकों में ज्यादा इनवेस्टमेंट नहीं हुआ है। ब्लूमबर्ग ने शहर के आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा कायाकल्प किया है। उनके प्रशासन ने न्यूयॉर्क के 40% हिस्से को लगभग नए सिरे से बसाया है।

 

ब्लूमबर्ग के कार्यकाल में आवास विभाग के प्रमुख रहे राफेल सेस्टिरो कहते हैं, शहर में पांच लाख लोग अधिक किफायती मकानों में रह रहे हैं। वैसे, इन मकानों के निर्माण के दौरान शहर में संपत्ति का दाम और रहने के खर्च में भारी बढ़ोतरी हुई है। 2002 से 2011 के बीच मकान किराए 19% बढ़े हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार रात में सिर छिपाने की जगह ढूंढ़ने वालों की संख्या 30 हजार से बढ़कर 50 हजार हो गई है। कई आलोचकों का कहना है, ब्लूमबर्ग ने मध्यम वर्ग के लोगों की समस्याओं और चिंताओं पर अधिक ध्यान दिया। दूसरी तरफ बेघर लोगों और गरीबों के प्रति उन्होंने कम सहानुभूति दिखाई है। न्यूयॉर्क के जर्जर हो रहे सरकारी सार्वजनिक भवनों में रहने वाले चार लाख लोग सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। 

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