जीने की राह / किसी मुस्कान से होती है शांति की शुरुआत

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Apr 17, 2019, 10:54 PM IST

विदेशों में कहावत है कि जब आप मुस्कुराते हैं तो आपकी आधी मुस्कान दूसरे के चेहरे पर होती है, लेकिन लगता है यह कहावत सही नहीं है। आपने अनुभव किया होगा कि जब-जब हम मुस्कुराते हैं, जरूरी नहीं कि सामने वाला मुस्कुराकर उत्तर दे।

 

उसके चहरे पर शिकन भी आ सकती है। फिर यह कैसे संभव है कि मुस्कुराए हम और आधी मुस्कान सामने वाले के चेहरे पर गई। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि जैसे ही आप मुस्कुराए, 50 प्रतिशत तो आपकी हुई, लेकिन शेष 50 प्रतिशत प्रकृति में घुलकर सामने वाले तक पहुंचती है। यदि उसने स्वीकार नहीं भी की तो भी वह मुस्कान आप उसे दे चूके हैं। उसने नहीं स्वीकारा तो प्रकृति उसे लेकर दूसरों में बांट देती है। इसलिए जब भी मुस्कुराएं, यह मान लें कि आप पूरे संसार का भला कर रहे हैं। किसी एक या दो व्यक्तियों का रिस्पॉन्स न मिलने पर निराश न होकर मुस्कान जारी रखिए।

 

मनुष्य के लिए तो कहा गया है कि उसके मन को मुस्कान से डर लगता है, क्योंकि उसेे गलत काम पसंद है। लेकिन दूसरे के मन को आपकी मुस्कान अच्छी लगेगी। क्योंकि मन का स्वभाव है कि अपना मालिक मुस्कुराए तो उसे लगता है कि अब मैं नियंत्रण में आया, लेकिन दूसरे को मुस्कुराते देख उसे लगता है कि मुझे तो कोई फर्क पड़ नहीं रहा। मन निष्क्रिय हुआ कि आप शांत हुए। इसलिए शांति की शुरुआत किसी न किसी मुस्कान से होती है। मुस्कुराकर अपने आपको हैप्पी फेस इफेक्ट में लेकर आइए..।

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