जीने की राह / प्रयोग, अभ्यास, शून्यता साधकर करें परिश्रम

Dainik Bhaskar

Nov 23, 2018, 11:53 PM IST



Experimentation, practice, vacuum Diligent diligence
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Experimentation, practice, vacuum Diligent diligence
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यह खूब काम करने का समय है। 12 से 14 घंटे काम करने वाले लोग ही आगे जा पाएंगे। होते तो सभी के पास 24 घंटे ही हैं। यदि 14 घंटे काम करें तो बाकी के 10 घंटों में ही अपनी दिनचर्या समेटना है, इसी में परिवार भी संभालना है। तो जो 14 घंटे आप काम करते हैं इस दौरान तीन शब्द- प्रयोग, अभ्यास और शून्यता याद रखिए। अपने संकल्प, अपनी इच्छाशक्ति के लगातार प्रयोग कीजिए। जैसे संकल्प लिया कि आज भोजन संयमित करेंगे..।

 

इसके प्रयोग बार-बार करना है। ऐसा ही शब्दों के मामले में कीजिए कि कम बोलेंगे तो फिर कम ही बोलेंगे। इसी तरह आपकी जो योग्यता, जो शिक्षा है, उसका अभ्यास लगातार करिए। प्रैक्टिस का कोई मौका मत चूकिए। और इन्हीं 14 घंटे में कुछ समय शून्यता का निकालिए। आपने देखा होगा अच्छी गृहणियां रात को ही चूल्हा-चौका धोकर साफ कर देती हैं।

 

माना जाता है कि रात को चौका यदि अस्त-व्यस्त रहे तो ये अच्छे लक्षण नहीं हैं। इससे निगेटिव एनर्जी निकलती है। कुल-मिलाकर इन 14 घंटों में अपने विचारों की धुलाई भी करते रहना चाहिए और इसमें काम आती है शून्यता। शून्यता यानी थॉटलेस टाइम। भले ही पांच मिनट निकालें लेकिन, 14 घंटे काम करते हुए कुछ समय शून्यता का हो। उस समय न कुछ आगे की सोचें, न पीछे की। प्रयोग, अभ्यास और शून्यता यदि ठीक से साध ली तो 14 घंटे जमकर काम करने के बाद भी शेष 10 घंटों में आप इतने  पॉजिटिव होंगे कि जहां और जिसके भी साथ रहेंगे उसे आनंद आएगा..।   

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