इंस्पिरेशन / जीतना चाहते हैं तो स्वयं के आलोचक बनिए

प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • छह बार वर्ल्ड चैंपियन रहीं मेरीकॉम को हाल ही में पद्म विभूषण दिया गया है

दैनिक भास्कर

Feb 01, 2020, 12:30 AM IST

संसार में सबसे बड़ी प्रेरणा अगर कोई है, तो परिवार ही है। यह आपको रोजाना नया करने की इच्छाशक्ति देता है। किशोर मेरीकॉम से युवा मेरीकॉम और अब मां मेरीकॉम तक परिवार ही है, जिसने री-इनवेंट करना सिखाया। बॉक्सिंग के लिए मेरा जुनून आज भी वैसा ही है, जो 15 साल पहले था। तब जोश मेरी ताकत हुआ करता था।

आज मेरे बच्चे मेरी ताकत हैं। आज भी जब मैं बच्चों से बात करती हूं...तो यकीन मानिए उनका जोश, मेरी ताकत बन जाता है। सच कहूं...तो मां बनने के बाद ही स्वयं को नए सिरे से खोज पाई हूं। मैंने प्रैक्टिस शेड्यूल कभी नहीं बदला। मैंने ट्रेनिंग का तरीका कभी नहीं बदला।

हां...लेकिन अब किसी भी मुकाबले में उतरती हूं तो बच्चों को वीडियो कॉल करती हूं। यह जीत के लिए मेरी अंदरूनी इच्छाशक्ति को और मजबूत बनाता है। उनकी बातें, आपके दिलो-दिमाग का सारा बोझ उतार फेंकती हैं। और जब हर तरह का डर आपके दिल से निकल जाता है, तभी आप अपना सर्वश्रेष्ठ दे पाते हैं।


बच्चे अब बड़े हो रहे हैं। उन्हें पता है, उनकी मां बॉक्सर है। इसलिए मैं 2020 में भी खुद को ओलिंपिक मेडल विनर के तौर पर देखना चाहती हूं। आखिर, बच्चों के लिए हम ही तो उनकी दुनिया होते हैं। जिस तरह से वे आपको सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करते हैं, उसी तरह आपकी कामयाबियों से वे भी जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा हासिल करते हैं। हर बच्चे के लिए पहले रोल मॉडल उनके माता-पिता ही होते हैं।


परिवार से इतर खुद को खोजने के दो अहम तरीके हो सकते हैं। पहला- आप पुरानी गलतियाें को नजरअंदाज मत कीजिए। उन्हें तलाशिए। उन पर काम करिए। यह आपके सफल होने के अवसरों को बढ़ा देगा।
मैं जब भी किसी टूर्नामेंट में जाती हूं। उसकी तैयारियों से पहले अपनी पुरानी फाइट के वीडियो देखती हूं।

खोजती हूं- कहां-कहां गलतियां की हैं। दूसरा तरीका- जो सफल हुए हैं, उन्हें भी देखिए। उनकी ताकत क्या थी? मैं उनके भी पुराने वीडियो देखती हूं, जिनसे मुझे फाइट करनी होती है। मैं अपनी हर फाइट को पूरी शिद्दत से लेती हूं। स्वयं और सामने वाले बॉक्सर की कमजोरियां अगर आप पहले ही पकड़ लेंगे तो जीत आसान हो जाएगी।

ये दो तरीके आपके लिए मुकाबले को आधा आसान बना देते हैं। हालांकि, गलतियां करना और उसके बाद सीखना....। यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। यह आप पर निर्भर करता है कि आप स्वयं के प्रति कितने आलोचनात्मक हो सकते हैं।


जिस तरह स्वयं को री-इनवेंट करने के कई तरीके हो सकते हैं, उसी तरह उन तरीकों तक ले जाने वाले कई लोग भी हो सकते हैं। मैंने पहले भी अपने पति के बारे में बात की है। वे बेहद खास हैं। वे नहीं होते या सामान्य सोच वाले होते तो शायद मैं भी इतनी कामयाब नहीं बन पाती। 


जब छोटी थी तब पिता नहीं चाहते थे कि बॉक्सिंग करूं। उन्हें लगता था कि बॉक्सिंग लड़कियों के लिए नहीं है। वे तो चाहते थे कि टेनिस या एथलेटिक्स में जाऊं। लेकिन पता नहीं, क्यों मेरे पैर मुझे बॉक्सिंग रिंग की ओर ले जाते थे। मुझे कई बार मार तक खानी पड़ी। एक बार तो मैंने सोच भी लिया था कि बॉक्सिंग छोड़ देती हूं।

तब मेरे कोच ने पिता को समझाया। शायद उसी दिन से बतौर बॉक्सर मेरा नया जन्म हुआ। जब शादी की, ताे सोचा था, अब बॉक्सिंग नहीं करूंगी। लेकिन पति ओनलर मेरे जुनून को जिंदा रखना चाहते थे। जब मैंने परिवार की जिम्मेदारियां गिनाई, तब उन्होंने कहा-तुम जब तक बॉक्सिंंग करना चाहती हो, करो। परिवार की चिंता छोड़ दो।


जब दो जुड़वां बेटों की मां बनीं, तब मैंने फिर ओनलर से कहा- अब परिवार की जिम्मेदारी लेने का वक्त आ गया है। ओनलर ही हैं, जो मेरे मन को सबसे बेहतर पढ़ पाते हैं। वे बॉक्सिंग के प्रति मेरे जोश को समझते हैं। सात-आठ महीने तक उन्होंने कुछ भी नहीं कहा। जब बच्चे थोड़े बड़े हुए, तब बोले- अब दोबारा रिंग में उतरने का वक्त आ गया है।

बच्चों की चिंता करने की जरूरत नहीं है। ओनलर उसी दिन से एक पिता से एक मां भी बन गए। ओनलर की वजह से ही मैं दोबारा रिंग में आई और वर्ल्ड चैपिंयन बनी। इसलिए अपने जीवन में उन अहम लोगों को जरूरी स्थान दीजिए, जो आपकी सफलता के ख्वाब देखते हैं। यह आपकी बड़ी ताकत हो सकती है।


हर उपलब्धि के लिए एक वजह होनी चाहिए। आप यह क्यों कर रहे हैं? किसके लिए? इससे होगा क्या? जवाब आपके पास होना ही चाहिए। छह बार वर्ल्ड चैंपियन बन चुकी हूं, फिर भी रोज जीतना चाहती हूं। यह सिर्फ इसलिए, ताकि आप अपने बच्चों के लिए जीत की वजह बन सकें। उनमें जीत का डीएनए विकसित हो सके।


आज भी मुकाबलों और ट्रेनिंग के बाद जो समय मिलता है, वही समय मेरे परिवार के लिए बचता है। यह समय क्वालिटी टाइम होना चाहिए। इसमें किया गया इन्वेस्ट आपको सबसे अच्छा रिटर्न-खुशियों की ताकत के रूप में देता है। ये खुशियों की ताकत ही है, जो आपको सर्वश्रेष्ठ की ओर ले जा सकती है। (जैसा उन्होंने भास्कर के संजीव गर्ग को बताया)

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