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जीने की राह / ऊर्जा को ऊंचा उठाकर पाएं सुखद परिणाम- पं विजयशंकर मेहता



jeene ki raah column by pt. vijayshankar mehta
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jeene ki raah column by pt. vijayshankar mehta
  • जीने की राह कॉलम पं. विजयशंकर मेहता जी की आवाज में मोबाइल पर सुनने के लिए टाइप करें JKR और भेजें 9200001164 पर

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2018, 12:09 AM IST

तलाक समस्या और समाधान दोनों है। आज पति-पत्नी की जिस तरह की जीवनशैली हो गई है, हर जोड़े के साथ यह नहीं कहा जा सकता कि तलाक समस्या है। जब दो पढ़े-लिखे पति-पत्नी का स्वाभिमान टकराता है तो वह कहने को स्वाभिमान, पर होता अभिमान है। ऐसे लोगों के लिए तो तलाक समाधान ही है। पिछले वर्ष नवरात्रि के पूर्व एक लड़ता-झगड़ता, तलाक का मन बना चुका जोड़ा मेरे संपर्क में आया।

 

मैंने सहजता से उनसे कहा नवरात्रि आ रही है, इन नौ दिन दोनों साथ बैठकर किसी मंत्र से अपने सबसे नीचे के चक्र में बेकार पड़ी ऊर्जा को ऊपर उठा लें। वह मंत्र आपके गुरु द्वारा दिया हो सकता है, गायत्री मंत्र हो सकता है या  चाहें तो हनुमान चालीसा को मंत्र मान सकते हैं। उन्होंने ऐसा ही किया और जैसे ही ऊर्जा नीचे से ऊपर उठी, दोनों अपनी-अपनी देह से मुक्त हो गए। जब ऊर्जा नीचे पड़ी हो तो मनुष्य को देह के अलावा कुछ नहीं सूझता। जैसे ही ऊर्जा ऊपर उठी, आत्मा की अनुभूति होने लगती है।

 

पति-पत्नी का रिश्ता देह से शुरू होता है, लेकिन आत्मा तक पहुंचना चाहिए। उन दोनों ने नौ दिन शक्ति का यह प्रयोग किया और दोनों के शरीर से ऊर्जा ऊपर उठने के कारण इतनी पॉजिटिव तरंगें निकलीं कि देह से मोहभंग हो गया, आत्मा का स्वाद जागा। तो फिर किस बात का तलाक? बाहर की अदालत फैसले के लिए सबूत मांगती है, पर आपके भीतर का न्यायालय सिर्फ अनुभूति मांगता है और फैसला हो जाता है। नवरात्रि के दिनों में ऊर्जा ऊपर उठाकर देखें, परिणाम कितने सुखद होते हैं..।    
 

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