मन की आवाज / आत्मा के स्वास्थ्य पर ध्यान दें और जीवन की सुंदरता का आनंद लें



mann ki awaz: Focus on the health of the soul
X
mann ki awaz: Focus on the health of the soul

बी के शिवानी

बी के शिवानी

Jul 12, 2019, 11:54 PM IST

आजकल लोग कहते हैं कि मेरी जीवनशैली ठीक है नो स्मोकिंग, नो ड्रिंकिंग, शाकाहारी भोजन भी ले रहे हैं, जाॅगिंग भी कर रहे हैं फिर भी इतनी सुस्ती क्यों? इन लोगों नेे सब चीजों का ध्यान तो रखा लेकिन सारे दिन में मन की स्थिति कैसी है इस पर ध्यान नहीं दिया और यह स्वीकार कर लिया कि इसका कुछ भी नहीं हो सकता है। टेंशन तो चलने ही वाला है।

 

इसका दुष्प्रभाव हमारे सामने अलग-अलग बीमारियों के रूप में सामने आता है। जिस समय आप खुशी का अनुभव नहीं करते हैं तो आप समझ लें कि आप मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं हंै। अब आप दिन भर के इंडेक्स को चेक करें कि आपका सारा दिन कैसा बीत रहा है। मेरे पैरों में या घुटनों में कहीं दर्द हो रहा है तो लोग कहते हैं कि किसी डाॅक्टर को दिखा लो। मैं कहती हूंं दिखा लूंगी, बाद में दिखा लूंगी। फिर बाद में मैं उसे धीरे-धीरे स्वीकार कर लेती हंू कि मुझे दर्द के साथ ही जीना है। मैंने उसे ही सामान्य मान लिया लेकिन वो सामान्य नहीं है।


मन की स्थिति के सम्बन्ध में भी लोग ऐसा ही सोचते हैं। आप किसी से भी साधारण सा प्रश्न पूछो कि आपको टेंशन होता है तो आपको एक भी व्यक्ति ऐसा देखने को नहीं मिलेगा जो कहे कि मुझे टेंशन नहीं होता है। 99 प्रतिशत लोग यही कहेंगे यह तो सभी को होता है। यह तो आम है, क्योंकि लोग इसी के साथ जीना स्वीकार कर चुके हैं।

 

अगर कोई यह कह भी दे कि मुझे टेंशन नहीं होता है तो कोई भी उसे स्वीकार नहीं करेगा। लोग यही कहेंगे कि तुम बड़े अजीब हो, ये बीमारी तो आजकल सभी को लगी है। अगर हम अपने दर्द को शुरू होते ही चेक करा लें तो फिर हम भावनात्मक रूप से स्वस्थ रहेंगे। टेंशन हो रहा है और हम कह रहें कि हमारे पास अपना ध्यान रखने के लिए समय नहीं है। तो क्या हम अपने आपको स्वस्थ कहेंगे? नहीं। क्योंकि हम आराम महसूस नहीं कर रहे हैं।


आज हम भावनात्मक रूप से किस स्तर पर हैं यह पूछने के लिए हमें किसी और के पास जाने की आवश्यकता नहीं है। जब हम किसी कार्य में व्यस्त हो जाते हैं तो हम दर्द को भूल जाते हैं और हम समझते हैं कि दर्द खत्म हो गया, लेकिन थोड़ी देर के बाद वह फिर शुरू हो जाता है। इसी तरह टेंशन को भी भूलने के लिए हम कोई परिस्थिति या कोई तरीका ढूंढ़ते हैं, जिससे हम अपने मन को वहां से हटा लें।

 

जैसे कि मैं कुछ खरीदारी करने के लिए बाजार चली जाऊं, किसी से थोड़ी देर फोन पर बात कर लूं ताकि मैं अपने खालीपन को थोड़ी देर के लिए भूल जाऊं। इससे दर्द तो गया नहीं सिर्फ थोड़ी देर के लिए भूल गए। यह बहुत सुंदर जीवन है जिसके हीरो आप हैं।


बहुत से लोग जीवन की इस सुंदरता का आनन्द ही नहीं उठा पाते हैं क्योंकि वे आत्मा के स्वास्थ्य की तरफ ध्यान नहीं देते हैं। बाकी चीजों का तो हम बहुत अच्छी तरह से ध्यान रख लेते हैं, लेकिन हमारा जो आधारभूत तथ्य है जहां से सबकुछ शुरू होता है हमने उसका ही ध्यान नहीं रखा। हमारा जीवन भी एक पेड़ की तरह है। अगर बीज की गुणवत्ता का हम ध्यान नहीं रखेंगे तो पौधा भी अच्छा नहीं होगा।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना