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संपादकीय / जीभ तो हुकूमत की होती है, इंसान तो कब से चुप है!

Dainik Bhaskar | Mar 11,2019 22:49 PM IST

आखिर चुनाव आ ही गए। फिर से। हमारे सिर पर। 2014 की तरह। तब मोदी थे। और कोई नहीं था। बीच की कुछ कश्मकश को छोड़ दें तो हालात अब भी वैसे ही हैं, जैसे 2014 में थे। खैर, हमें ...

संदर्भ / सामरिक प्रतिक्रिया का खतरनाक राजनीतिकरण

शेखर गुप्ता,shekhar_1530567198.jpg | Mar 11,2019 23:04 PM IST

कितने आदमी थे? यह सवाल 1975 में आई शोले फिल्म में हिंदी सिनेमा के सबसे भयंकर लेकिन, सबसे पसंदीदा खलनायक गब्बर सिंह ने अपने आदमियों से पूछा था, जो मात खाकर लौटे थे। पाकिस्तान और भारत के बीच छिड़ी 90 ...

संपादकीय / सेना के शौर्य पर सियासत बंद करें राजनीतिक दल

Dainik Bhaskar | Mar 05,2019 23:03 PM IST

वायु सेना प्रमुख बीएस धनोआ के इस बयान पर गौर करें। हमें जो लक्ष्य दिया गया था, उसे हिट किया गया। हम मरने वालों की संख्या नहीं गिनते। अगर हमने जंगलों में बम गिराए होते तो पाकिस्तान प्रतिक्रिया क्यों करता? ...

संपादकीय / क्या अब सचमुच महिलाओं का होगा सेना में स्थायी कॅरिअर?

Dainik Bhaskar | Mar 08,2019 22:53 PM IST

महिलाओं को कॉम्बेट रोल दिए जाने की बहस के बीच सरकार ने सेना में महिलाओं के लिए दस ब्रांच में परमानेंट कमीशन दे दिया है। इससे पहले ये सिर्फ दो ब्रांच में दिया जाता था, लीगल और एजुकेशनल। कॉम्बैट रोल ...

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